अमलाड़ा कला में ग्रामीणों ने जताया आक्रोश, जिला प्रशासन से घाट निर्माण की मांग
केके यदुवंशी पत्रकार
सिवनी मालवा।ग्राम अमलाड़ा कला स्थित मोरन नदी पर पक्का घाट नहीं होने की समस्या गणेश विसर्जन के दौरान एक बार फिर उजागर हुई। गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं को नदी किनारे कीचड़ और फिसलन भरे रास्तों के बीच विसर्जन करना पड़ा, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।ग्रामीणों का कहना है कि हर वर्ष विसर्जन के दौरान इसी तरह की समस्या आती है,
लेकिन अब तक स्थायी व्यवस्था नहीं की गई है। यह समस्या केवल अमलाड़ा कला तक सीमित नहीं है। आसपास के 10 से 15 गांवों के लोग भी धार्मिक आयोजनों और विसर्जन के लिए इसी स्थान पर आते हैं, जिनमें अमलाड़ा खुर्द, बावड़िया भाऊ, आजाद नगर, परसवाड़ा, गुरंज घाट, लीलाड़िया और पगढ़ाल सहित अन्य गांव शामिल हैं।
विसर्जन के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु नदी तट पर पहुंचे। पक्का घाट नहीं होने से बच्चों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा दिक्कत हुई। सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने से दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है। ग्रामीणों ने बताया कि तीज-त्योहारों के अलावा आगामी नवरात्र और दशहरे में भी यहां बड़ी भीड़ जुटेगी।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि मोरन नदी पर जल्द पक्का घाट और सुरक्षित रास्ते का निर्माण कराया जाए, ताकि हजारों लोगों को सुविधा मिल सके और संभावित हादसों को रोका जा सके।

