jhankar
ब्रेकिंग
हरदा में कृषि उपज मंडी के पास कार में लगी आग, फायर ब्रिगेड ने पाया काबू; गैस सिलेंडर मिलने से मची अफ... मध्य प्रदेश में सोना-चांदी के भाव अपडेट: सोने में गिरावट, चांदी के दाम में भी नरमी जिला जल उपयोगिता समिति की बैठक 15 अक्टूबर को, रबी सिंचाई पर होगी चर्चा जनगणना 2027 के द्वितीय चरण के लिए जिला स्तरीय चार्ज अधिकारियों का प्रशिक्षण आयोजित टिमरनी में गांधी चौक के अस्तित्व को लेकर विवाद, कांग्रेस ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन आशा सुपरवाइजरों की समीक्षा बैठक संपन्न, सुरक्षित मातृत्व पर जोर सिराली और खिरकिया क्षेत्र में अवैध शराब के खिलाफ 4 प्रकरण दर्ज शासकीय पॉलीटेक्निक हरदा में गूलकाई एआई सॉल्यूशंस का कैंपस ड्राइव आयोजित स्मार्ट फिश पार्लर हेतु आवेदन पुनः आमंत्रित रानापुर में अघोषित बिजली कटौती का मुद्दा गरमाया, भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने विद्युत विभाग से की चर्चा

गौतम अडानी की रियल एस्टेट संपत्ति में 7% की गिरावट

मुंबई। गौतम अदाणी की रियल एस्टेट कारोबार की संपत्तियां जून, 2025 तक सालाना आधार पर सात प्रतिशत घटकर 52,320 करोड़ रुपये रह गई हैं। इससे वह इस क्षेत्र के सबसे धनी लोगों की सूची में तीसरे स्थान पर आ गए। एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई। हुरुन रिसर्च और ग्रोहे के अधिकारियों ने अनौपचारिक चर्चाओं का हवाला देते हुए कहा कि अदाणी अगले पांच वर्ष में रियल एस्टेट क्षेत्र के सबसे धनी व्यक्ति बन सकते हैं। वह वित्तीय राजधानी में धारावी और मोतीलाल नगर पुनर्विकास जैसी परियोजनाओं पर काम कर रहे हैं। डीएलएफ के राजीव सिंह 1.27 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति के साथ ग्रोहे-हुरुन इंडिया रियल एस्टेट की 150 लोगों की सूची में शीर्ष पर हैं। उनके बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता एवं महाराष्ट्र के मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा 92,340 करोड़ रुपये की संपत्ति के साथ दूसरे स्थान पर हैं।

- Install Android App -

रिपोर्ट के अनुसार, डीएलएफ के सिंह की संपत्ति वर्ष के दौरान तीन प्रतिशत बढ़ी, जबकि लोढ़ा की संपत्ति में मात्र एक प्रतिशत की वृद्धि हुई। हुरुन इंडिया के मुख्य शोधकर्ता एवं संस्थापक अनस रहमान जुनैद ने पत्रकारों से कहा, ‘‘ अदाणी बहुत महत्वाकांक्षी हैं। उनकी महत्वाकांक्षा अगले पांच वर्ष में डीएलएफ से आगे निकलकर शीर्ष पर पहुंचने की है।” भारत में ग्रोहे की प्रमुख प्रिया रुस्तोगी ने भी इस बात पर सहमति जताई। रहमान ने कहा कि अदाणी रियल्टी पूरी तरह से अदाणी परिवार के स्वामित्व में है। पहले से ही सबसे मूल्यवान गैर-सूचीबद्ध रियल एस्टेट कंपनी है। शोधकर्ता पूरे क्षेत्र में संपत्ति का आकलन करने के लिए वैज्ञानिक तरीके का इस्तेमाल करते हैं।

दीपक पारेख के नेतृत्व वाली श्लॉस बेंगलूर 13,600 करोड़ रुपये के मूल्यांकन के साथ सूची में सबसे युवा कंपनी है। इसने छह वर्ष के भीतर यह मूल्यांकन हासिल किया है। 1871 में स्थापित पेनिनसुला लैंड 1,000 करोड़ रुपये के मूल्यांकन के साथ सबसे पुरानी कंपनी है। इस सूची में शामिल 150 कंपनियों में से केवल 33 का नेतृत्व पेशेवर मुख्य कार्यपालक अधिकारी कर रहे हैं। केवल चार कंपनियां ऐसी हैं जिनका नेतृत्व महिलाएं कर रही हैं।