jhankar
ब्रेकिंग
पंजाब CM भगवंत मान को बम से उड़ाने की धमकी, 5 सितंबर को बठिंडा में हत्या की साजिश का दावा नर्मदा प्रसाद उपाध्याय को मिलेगा देश का प्रतिष्ठित राजभाषा गौरव पुरस्कार रक्षाबंधन पर कांग्रेस का कल होगा अनोखा प्रदर्शन, भाजपा जिलाध्यक्ष को भेंट करेगी शक्कर कुछ घंटे की बारिश में उखड़ी नई सड़क, सीएमओ पहुंचे सड़क देखने, रेत-गिट्टी बही - नगर पालिका सीएमओ अमर ... हरदा में अंधे कत्ल का 24 घंटे में खुलासा, तीन आरोपी गिरफ्तार; ₹1.90 लाख नकद बरामद शासकीय कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक की अनदेखी कांग्रेस ने लगाया प्रोटोकॉल के उल्लंघन का आरोप  तिब्बत में भारी बारिश से नेपाल में बाढ़ का कहर, रसुवा जिले में मची तबाही रतलाम में ईद मिलादुन्नबी जुलूस के दौरान कांग्रेस पार्षद का निधन खेड़ापति मंदिर की दानपेटी से चोरी, CCTV में कैद हुए चोर हरदा : खेड़ा गांव की आंगनबाड़ी की बदहाल स्थिति, जर्जर भवन और टपकती छत से बढ़ी परेशानी

रीवा में नई शुरुआत: कार छोड़ साइकिल चलाएंगे सरकारी बाबू

रीवा। रीवा में मंगलवार को अनोखा नजारा देखने को मिला. जहां कलेक्टर से लेकर कमिश्नर तक साइकिल और पैदल ही ऑफिस जाते हुए दिखे। संभाग आयुक्त बीएस जामोद ने एक आदेश जारी किया था, जिसमें कहा गया था कि शासकीय कर्मचारियों और अधिकारियों को हफ्ते में एक दिन साइकिल, पैदल या सिटी ट्रांसपोर्ट से दफ्तर आना होगा।

क्या है कमिश्नर का आदेश ?

दरअसल, रीवा संभाग के कमिश्नर बीएस जामोद ने सभी अधिकारियों-कर्मचारियों से सप्ताह में एक दिन मंगलवार को कार्यालय आने साइकिल के उपयोग करने के लिए कहा है। उन्होंने आगे कहा कि जो कर्मचारी साइकिल का उपयोग नहीं कर सकते हैं, वे पब्लिक ट्रांसपोर्ट से आएं। क्षेत्र भ्रमण के लिए दो से तीन अधिकारी समन्वय कर पूल वाहन का उपयोग करें, जिससे निरीक्षण में सुगमता होगी। दो या तीन विभागों से संबंधित विषय का त्वरित समाधान किया जा सके।

- Install Android App -

आदेश के पीछे ये है वजह

कमिश्नर ने ईधन की बचत, पर्यावरण प्रदूषण के स्तर को कम करने और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों से साइकिल से कार्यालय आने के लिए कहा। जिसके बाद आज मंगलवार को संभाग के सभी सरकारी कर्मचारी-अधिकारी साइकिल और पैदल दफ्तर पहुंचे।

रूटीन में लाना थोड़ी चुनौती है

रीवा कमिश्नर ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि यह पहल पर्यावरण सुरक्षा और स्वास्थ की दृष्टिकोण से की गई है। इसको पूरी तरह रूटीन में लाना थोड़ी चुनौती है। लेकिन इसका पालन किया जाएगा. अपने दफ्तर पहुंचने के बाद बेहद सुखद अनुभव होने की भी बात कही। वही रीवा के जिला पंचायत के सीईओ मेहताब सिंह गुर्जर पैदल ही अपने दफ्तर के लिए निकले उन्होंने कहा कि यह बेहद ही सुखद शुरुआत है। जिसे अब नियमित किया जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि ऐसी शुरुआत हफ्ते में एक नहीं बल्कि दो दिन होनी चाहिए, इसके साथ ही संभाग के सभी सतना, सीधी, मैहर, सिंगरौली और मऊगंज के कलेक्टर बिना सरकारी वाहन का उपयोग किये अपने-अपने दफ्तर पहुंचे।