हंडिया : CM हेल्पलाइन शिकायत के बाद भी अवैध निर्माण जारी, अब पट्टा जारी करने की प्रक्रिया पर भी उठे गंभीर सवाल !! तहसीलदार पटवारी के संरक्षण में शासकीय भूमि पर हो रहा अवैध कब्जा !
हंडिया।तहसील मुख्यालय में शासकीय भूमि पर किए गए अवैध कब्जे और निर्माण कार्य का मामला अब और भी गंभीर होता जा रहा है। वार्ड के पंच सुमित खत्री द्वारा स्थानीय तहसीलदार को शिकायत ओर सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराने के बावजूद न तो अवैध निर्माण रुका और न ही जिम्मेदार अधिकारियों ने ठोस कार्रवाई की।
मामले में चौंकाने वाला तथ्य यह सामने आया है कि अतिक्रमणकर्ता प्रवीण वर्मा के पिता शासकीय सेवक रह चुके हैं और माता पूर्व में सरपंच पद पर रह चुकी हैं। ऐसे में यह सवाल और भी गहराता है कि आखिर किस आधार पर प्रवीण वर्मा को उक्त भूमि का पट्टा जारी किया गया?
नियमों के अनुसार शासकीय भूमि के पट्टे जारी करने की एक स्पष्ट प्रक्रिया होती है, लेकिन इस प्रकरण में प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर संदेह खड़ा हो रहा है। आशंका जताई जा रही है कि राजनीतिक और प्रशासनिक रसूख का दुरुपयोग कर नियमों को ताक पर रखकर पट्टा जारी किया गया।
शिकायत के बाद संबंधित पटवारी द्वारा शिकायतकर्ता पर यह कहते हुए दबाव बनाया गया कि निर्माण कार्य रुकवा दिया गया है और शिकायत वापस ले ली जाए, जबकि जमीनी हकीकत यह है कि निर्माण कार्य आज भी बेधड़क जारी है। यह स्थिति प्रशासनिक उदासीनता नहीं, बल्कि संरक्षण की ओर इशारा करती है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि शासकीय सेवक और जनप्रतिनिधि परिवार से जुड़े व्यक्ति को नियमों से ऊपर रखा जाएगा, तो आम जनता का कानून और व्यवस्था से भरोसा उठना स्वाभाविक है।
वार्ड के पंच सुमित खत्री ने स्पष्ट मांग की है कि
अवैध निर्माण कार्य तत्काल प्रभाव से रोका जाए
जारी किए गए पट्टे की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए
और यदि नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो दोषी अधिकारियों पर भी कार्रवाई हो
अब बड़ा सवाल यह है कि तहसील प्रशासन इस पूरे मामले को गंभीरता से लेकर निष्पक्ष जांच करेगा या फिर प्रभावशाली अतिक्रमणकर्ता को बचाने की कोशिश जारी रहेगी?

