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Handia/ Harda: बीमार गाय को मालिक ने छोड़ा लावारिस,हॉट बाजार के फुटपाथ पर तड़पती रही बीमार गाय, पत्रकार ने करवाया इलाज, देर रात हुई मृत्यु, कुत्तों ने नोचकर खाया !

Handia: जी हां हम बात कर रहे है। गौमाता की जिसकी लोग पूजा करते है। सनातन धर्म के लोग गाय के अंदर 33 कोटि देवी देवताओं के वास की बात करते है। उसकी नित्य पूजा पाठ कर पहली रोटी गाय को खिलाते है। लेकिन दुर्भाग्य कहे की आज पशु पालक स्वार्थी बनकर रह गए। गाय का दूध दुहने के बाद उसे लावारिश सड़को पर छोड़ दिया जाता है। और अगर वो बीमार हो जाए तो फिर तो उसे लोग पहचानने से भी इंकार कर देते है। ऐसा ही एक मामला हंडिया में बीते दिन सामने आया। जहा एक बीमार गाय धार्मिक नगरी हंडिया के हॉट बाजार में तड़पती रही। लेकिन किसी ने उसकी सूद नही ली। जागरूक पत्रकार सुमित खत्री की नजर जब गाय पर पड़ी तो उसने फोन कर पशु चिकित्सक को बुलवाकर उसका इलाज करवाया। उसे बचाने की कोशिश की गई। पशु चिकित्सक सहायक बीके यादव ने आकर ईलाज किया इंजेक्शन लगवाया।

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लेकिन देर रात बारिश और ठंड से तड़पती गाय दम तोड दिया। और रात में कुत्तों ने नोच खाया। नही बनी गौशाला, आवारा पशु मालिक गाय को छोड़ देते है। सड़को पर धार्मिक नगरी हंडिया में गौशाला का निर्माण कार्य आज भी अधूरा पड़ा हुआ है। स्थानीय ग्राम पंचायत के सरपंच सचिव की अनदेखी के कारण आज भी गौशाला नही बन पाई।

जिसके कारण कही गाय आज बीमार अवस्था में लावारिश फुटपाथ पर दम तोड देती है। लेकिन जिम्मेदार और धर्म के ठेकेदार उस गौमाता के नाम पर वोट मांगेंगे । और धर्म के नाम पर राजनीतिक रोटियां सेकने का काम करते है। लेकिन जमीनी हकीकत यह है। की गाय की मृत्यु के बाद न तो उसको दफनाया जाता है।और नही धर्म का कोई ठेकेदार उसकी सुध लेता है। और गाय फुटपाथ पर ही दम तोड देती है।