हंडिया : ग्राम गौला–मालपौन के बीच मां नर्मदा की रेत का अवैध खेल, घाट पर पकड़ा गया हंडिया के ऋतिक का नेटवर्क,,,
हंडिया :
मजदूरों का सीधा बयान—ऋतिक देता है हजार रुपए, उसी के कहने पर निकाली और जमा की जा रही रेत,,,
हंडिया।आज मकड़ाई समाचार की टीम भ्रमण के दौरान ग्राम गौला और मालपौन के बीच स्थित मां नर्मदा के घाट पर पहुंची, जहां अवैध रेत कारोबार का गंभीर मामला सामने आया। इस पूरे प्रकरण में हंडिया के ऋतिक नामक युवक की भूमिका सीधे तौर पर उजागर हुई है।
मौके पर यह स्पष्ट रूप से देखा गया कि नदी के बीचोंबीच से पहले ही अवैध रूप से निकाली गई रेत को घाट पर इकट्ठा किया जा रहा था, जो नियमों के सरासर खिलाफ है।
घाट पर मौजूद मजदूरों से जब रेत के संबंध में पूछताछ की गई, तो उन्होंने बिना किसी हिचक के बताया कि यह पूरी रेत ऋतिक के कहने पर निकाली गई है और घाट पर जमा की जा रही है। मजदूरों ने यह भी साफ किया कि ऋतिक ही उन्हें प्रति मजदूर एक हजार रुपए देता है और वही रेत उठवाने की पूरी व्यवस्था करता है।
मजदूरों के बयानों से यह बात साफ होती है कि नर्मदा नदी से रेत निकालने, उसे घाट पर भंडारित करने और आगे परिवहन कराने की पूरी अवैध प्रक्रिया का संचालन ऋतिक द्वारा किया जा रहा है। यह कोई आकस्मिक घटना नहीं, बल्कि सुनियोजित और लगातार चल रहा अवैध कारोबार प्रतीत होता है।
नियमों के अनुसार मां नर्मदा नदी से बिना अनुमति रेत निकालना, उसे घाट पर जमा करना और परिवहन की तैयारी करना संज्ञेय और दंडनीय अपराध है। मौके पर मौजूद रेत और मजदूरों के बयानों के आधार पर यह मामला सीधे तौर पर एफआईआर दर्ज किए जाने योग्य बनता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि ऐसे मामलों में समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो ऋतिक जैसे लोग मां नर्मदा को कमाई का जरिया समझते रहेंगे, जिससे नदी का अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा।
अब सवाल बिल्कुल साफ हैं—
👉 क्या मजदूरों के इन बयानों के आधार पर हंडिया के ऋतिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज होगी?
👉 क्या घाट पर जमा की गई अवैध रेत को तत्काल जब्त किया जाएगा?
मामला सामने है, नाम सामने है—अब कार्रवाई होनी चाहिए।

