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कन्नौद खातेगांव ग्रामीण अंचल में खूब फल फूल रहे झोलाछाप डॉक्टरों के अवैध क्लीनिक

खातेगांव। खातेगांव विकासखंड के ग्राम मनोरा में झोलाछाप डॉक्टर महेंद्र सेंगर के एक्सपायरी इंजेक्शन लगाने से 16 वर्षीय नाबालिक किशोरी जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रही है। मामला खातेगांव विकासखंड के गांव मनोरा का है जहां एक झोलाछाप डॉक्टर ने 16 वर्षीय किशोरी को पैर में चोट लगने के कारण इलाज के दौरान एक इंजेक्शन लगाया इसके बाद किशोरी अपनी माता के साथ घर पहुंची और घर पहुंचते ही चक्कर खाकर गिर गई, आनन फानन में खातेगांव के पुष्पदीप हॉस्पिटल में लाया गया जहां डॉक्टरों द्वारा इलाज किया गया। स्वास्थ्य केंद्र खातेगांव से डॉक्टर ने बताया कि शरीर में जहर फैल रहा है इसलिए बड़े हॉस्पिटल इंदौर में ट्रीटमेंट करने के लिए कहा गया।

इस संबंध में संबंधित पीड़िता की माता गायत्री बाई पति स्वर्गीय राधेश्याम चौहान द्वारा खातेगांव एसडीएम प्रवीण प्रजापति, मुख्य खंड चिकित्सा अधिकारी तुषार गुप्ता एवं हरणगांव थाना प्रभारी अभिषेक सेंगर को झोलाछाप डॉक्टर के विरुद्ध एक शिकायती आवेदन दिया गया है, जिसमें उल्लेख है कि झोलाछाप डॉक्टर के द्वारा एक्सपायरी इंजेक्शन के कारण जहर फैलने से इंदौर के एक हॉस्पिटल में बालिका के पैर का ऑपरेशन कराना पड़ा इसके बाद भी डॉक्टर ने हाथ खड़े कर दिए हैं कि अब इन्हें घर ले जाओ बचना मुश्किल है, सूत्रों के अनुसार किसी अन्य अस्पताल में इंदौर में ही बालिका का अभी इलाज चल रहा है परिवार जनों ने बताया कि डॉक्टरों का कहना है कि हम हमारा प्रयास कर रहे हैं रिकवरी हो जाती है तो ठीक अन्यथा कुछ कहा नहीं जा सकता।

अब पूरे मामले में ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर खातेगांव द्वारा शिकायती पत्र के आधार पर हरणगांव थाने में FIR कराने के लिए एक आवेदन पत्र भेजा गया है, जिसमें उल्लेख है कि संबंधित डॉक्टर के पास किसी भी तरह का क्लीनिक संचालन के लिए अनुमति नहीं है, और डॉक्टर अपना मोबाइल बंद कर भाग गया है ।

ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर ने जारी की जांच रिपोर्ट
ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर (BMO) कार्यालय में की गई। शिकायत पर जांच टीम ग्राम मनोरा पहुँची, लेकिन वहां कथित क्लीनिक पर ताला लगा मिला। साथ ही आरोपी महेन्द्र सेंगर का मोबाइल फोन भी बंद पाया गया। BMO तुषार गुप्ता ने रिपोर्ट में स्पष्ट उल्लेख किया है कि—
* आरोपी के पास किसी भी प्रकार का मेडिकल रजिस्ट्रेशन नहीं है
* क्लीनिक संचालित करने की कोई सरकारी अनुमति दर्ज नहीं
* पूरा मामला कानूनी कार्रवाई हेतु थाना हरणगांव को प्रेषित किया गया है

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ग्रामीणों में रोष, प्रशासन पर आरोप

ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से ऐसे अवैध क्लीनिक संचालित हो रहे हैं, लेकिन विभाग कभी सक्रियता नहीं दिखाता।
स्थानीय लोगों ने स्वास्थ्य विभाग पर ढिलाई बरतने और समय-समय पर निरीक्षण न करने के आरोप लगाए हैं।

परिवार ने न्याय की मांग

किशोरी की माँ ने प्रशासन से मांग की है कि आरोपी पर कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि क्षेत्र में झोलाछापों के खिलाफ सख्त संदेश जाए और भविष्य में किसी अन्य परिवार को ऐसी स्थिति का सामना न करना पड़े।