jhankar
ब्रेकिंग
इंदौर में स्कूल और स्टेशनरी दुकानों पर FIR, महंगी किताब-ड्रेस खरीदने का दबाव भोपाल में यूपी की युवती से दुष्कर्म का मामला, आरोपी बिल्डर फरार वंदे मातरम् विवाद में कांग्रेस पार्षद का मुंह काला करने पर 51 हजार रुपये का इनाम वंदे मातरम पर इंदौर पार्षद रुबीना का बयान, पूर्व मंत्री उषा ठाकुर ने जताया कड़ा विरोध कूनो ने फिर दिखाई उम्मीद की किरण, चीता गामिनी ने 4 स्वस्थ शावकों को दिया जन्म Big news harda : ग्राम बडझिरी में भीषण अग्निकांड, 7-8 मकान जलकर राख इंदौर चिड़ियाघर में अंडर वॉटर टनल, 35 करोड़ में बनेगा दुबई और सिंगापुर जैसे मॉडल का निर्माण नर्मदा में बोटिंग करते वक्त चट्टानों पर आराम करता तेंदुआ, पर्यटकों में अफरातफरी अमरनाथ यात्रा के लिए 15 अप्रैल से एडवांस रजिस्ट्रेशन शुरू, 554 बैंक ब्रांच में होगी सुविधा उपलब्ध Aaj Ka Rashifal: आज दिनांक 11 अप्रैल 2026 का राशिफल, जानिए आज क्या कहते है आपके भाग्य के सितारे

इंदौर : पूरी तरह दृष्टिबाधित अक्षत बलदवा ने रचा इतिहास, पहले ही प्रयास में क्रैक की यूपीएससी

इंदौर। संघर्ष जब जिद बन जाए, तो किस्मत को भी अपना फैसला बदलना पड़ता है। यूपीएससी 2025 के कल घोषित नतीजों ने एक ऐसी ही अविश्वसनीय कामयाबी की कहानी दुनिया के सामने रखी है। इंदौर के 25 वर्षीय जांबाज बेटे अक्षत बलदवा ने अपनी शत-प्रतिशत दृष्टिबाधिता को चुनौती देते हुए देश की सबसे कठिन परीक्षा में अपने पहले ही प्रयास में 173वी रैंक हासिल कर इतिहास रच दिया है। सरकारी सुभाष हायर सेकेंडरी स्कूल से हिंदी माध्यम में बारहवीं की पढ़ाई करने वाले अक्षत ने यह सफलता अंग्रेजी माध्यम से परीक्षा देकर हासिल की।

करोड़ों युवाओं के लिए एक सबक

- Install Android App -

अक्षत की यह सफलता केवल एक चयन नहीं, बल्कि उन करोड़ों युवाओं के लिए एक सबक है जो छोटी-छोटी बाधाओं के आगे घुटने टेक देते हैं। हालांकि उन्होंने दृष्टिबाधित श्रेणी में आवेदन किया था, लेकिन अपनी मेधा के दम पर उन्होंने ऑल इंडिया कैटेगरी के टॉप 200 में जगह बनाकर सबको हैरान कर दिया। फिलहाल बेंगलुरु में मौजूद अक्षत अपनी इस ऐतिहासिक जीत का श्रेय अपने माता-पिता को देते हैं।

सपनों को कभी टूटने नहीं दिया

अक्षत का कहना है कि उनकी माँ मीना और पिता संजय बलदवा ने हर कदम पर उनका पूरा सहयोग किया और उनके सपनों को कभी टूटने नहीं दिया। बिना रोशनी के केवल श्रवण शक्ति और संकल्प के सहारे अक्षत ने योग्यता सूची में अपना नाम स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज कराकर इंदौर का मान वैश्विक पटल पर बढ़ा दिया है।