jhankar
ब्रेकिंग
अल-कायदा की नई धमकी अमेरिकी और इजरायली विमानों पर 9/11 जैसे हमले की अपील, फ्लाईदुबई घटना की तारीफ क... कवरेज से लौट रहे पत्रकार संतोष चंदेल सड़क हादसे में घायल किसानों के खेत से मोटर के स्टार्टर और केबल चोरी, चार किसानों ने थाने में दिया आवेदन,अज्ञात चोरों पर ... सेवा सेतु अभियान के तहत ग्राम सतवासा में लगा ग्रामीण शिविर नवरात्रि से पहले सलकनपुर पैदल मार्ग का पत्रकारों ने किया निरीक्षण देवास जिले का लाल 21 साल देश सेवा कर लौटा, मां ने आरती उतारी तो छलक पड़े खुशी के आंसू; हरदा में हुआ ... हंडिया : घर को मंदिर बनाने के लिए प्रेम, विश्वास और सम्मान जरूरी,,,,,, सेवा संकल्प अभियान का उद्देश्य आमजन को योजनाओं और सेवाओं का समय पर लाभ पहुंचाना - केंद्रीय राज्य मंत... रांची में होटलों पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई में 14 लोग गिरफ्तार,एसएसपी के निर्देश पर नाइट रेड राजस्थान पंचायत चुनाव 2026 :  चुनाव में भड़काऊ प्रचार पर प्रशासन सख्त, सोशल मीडिया पर रहेगी पैनी नज...

इन्दौर एम वाय अस्पताल में लगाने वाला इंजेक्शन मरीज को पिला दिया, हुई मौत

इन्दौर। प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल इन्दौर के एम वाय में लगातार हो रही लापरवाही और गैर जिम्मेदाराना व्यवहार से मरीजों की जिंदगी मौत बन रही है। बड़े विश्वास से परिजन बीमार को लेकर यहां आते है और मुर्दा लाश या एक नई बीमारी साथ लें जाने को मजबूर हो जाते हैं। और एम वाय में शुरू हो जाती है जांच के नाम पर शासन प्रशासन की नौटंकी। विगत दिनों चूहों के काटने से नवजात की मौतों, फिर अंतरराष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी को एक्सपायरी डेट की स्लाइन लगाने के मामले सामने आने के बाद अब एक और ऐसा ही लापरवाही और गैर जिम्मेदाराना व्यवहार का मामला एम वाय में सामने आया है जिसमें पैंतीस वर्षीय बलवीर की मौत के बाद उसके परिजन ने अस्पताल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। बलबीर को उसके परिजन देवास में हुए सड़क हादसे में घायल होने के बाद गंभीर हालत में एमवाय अस्पताल लेकर आए थे। जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। परिजनों ने इलाज में गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है उनका कहना है कि आईवी इंजेक्शन जिसे मरीज को लगाया जाना था, उस इंजेक्शन को उसे मुंह से पिला दिया गया, जिसके बाद मरीज की हालत बिगड़ने लगी और उसकी मौत हो गई। वहीं मामले में एम वाय के कैजुअल्टी प्रभारी डॉ. परेश सोंधिया का कहना है कि देवास से आए मरीज का समय पर इलाज शुरू कर दिया गया मुंह से इंजेक्शन पिलाने जैसी कोई घटना नहीं हुई है। मरीज को सांस लेने में तकलीफ होने पर उसे वेंटीलेटर भी उपलब्ध करवाया गया था। मामले में नोटिस जारी कर घटना से संबंधित जानकारी मांगी है।

- Install Android App -

वहीं मृतक के परिजन अंकित परिहार के अनुसार पूरा मामला इस प्रकार है कि रविवार रात 10:30 बजे घायल अवस्था में बलवीर को एंबुलेंस से इंदौर एमवाय अस्पताल लेकर पहुंचे थे। जब यहां पहुंचे तो कैजुअल्टी में ना डॉक्टर मिला, ना वार्डबॉय और ना ही कोई सपोर्टिंग स्टॉफ। तीन घंटे तक मरीज को भर्ती नहीं किया गया। अटेंडर बार-बार डॉक्टरों को बुलाते रहा, लेकिन कोई नहीं आया। रातभर सिर्फ एक अनुभवहीन ट्रेनिंग डॉक्टर ही मरीज को देखते रहा, वह भी बिना इलाज किए। सबसे चौंकाने वाली बात तो सुबह हुई जब न्यूरो सर्जरी विभाग से एक डॉक्टर नींद के झोंक की हालत में आया और मरीज को इंजेक्शन लगाने के बजाए पिला दिया। इसके बाद भी जब मरीज की हालत बिगड़ती रही तो डॉक्टर इलाज करने की बजाय मशीनों के ग्राफ का वीडियो बनाते रहे। परिजनों का आरोप है कि यह मौत नहीं, बल्कि अस्पताल की लापरवाही से हुआ कत्ल है। अंकित की मांग है कि मामले में कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।