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ईरान ने कहा- यूएस ने हमारे तेल टैंकर उड़ा दिए, हम जवाब देंगे

तेहरान। ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। ईरान ने अमेरिकी सेना पर ओमान की खाड़ी में उसके तेल टैंकरों को निशाना बनाकर सीजफायर तोड़ने का गंभीर आरोप लगाया है। ईरान ने स्पष्ट किया है कि वह इन हमलों को बर्दाश्त नहीं करेगा और बिना किसी हिचकिचाहट के अमेरिकी कार्रवाई का करारा जवाब दिया जाएगा।

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खातम अल-अंबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर के प्रवक्ता के अनुसार, अमेरिकी सेना ने जास्क के पास ईरानी समुद्री क्षेत्र से होर्मुज जलडमरूमध्य की ओर जा रहे एक तेल टैंकर को निशाना बनाया। इसके अलावा, फुजैरा बंदरगाह के पास जलडमरूमध्य में प्रवेश कर रहे एक अन्य जहाज पर भी हमला किया गया। प्रवक्ता ने यह सनसनीखेज दावा भी किया कि कुछ क्षेत्रीय देशों के सहयोग से बंदर खामिर, सिरिक और क़ेश्म द्वीप के तटीय नागरिक इलाकों पर हवाई हमले किए गए हैं। हालांकि, इन हमलों में हुई क्षति या जनहानि की अभी तक स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।

यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब दोनों देशों के बीच एक अस्थायी समझौते पर बातचीत की खबरें आ रही थीं। बताया जा रहा है कि दोनों पक्ष 30 दिनों तक सैन्य संघर्ष रोकने और होर्मुज जलडमरूमध्य को व्यावसायिक जहाजों के लिए फिर से खोलने के एक प्रारंभिक फ्रेमवर्क पर चर्चा कर रहे हैं। इस प्रस्तावित समझौते का उद्देश्य स्थायी समाधान के लिए बातचीत का रास्ता साफ करना था। हालांकि, बातचीत की राह में अब भी कई बड़े रोड़े अटके हुए हैं। सबसे बड़ा विवाद ईरान के परमाणु कार्यक्रम और संवर्धित यूरेनियम के भंडार को लेकर है। अमेरिकी पक्ष की मांग है कि ईरान अपना समृद्ध यूरेनियम अमेरिका को सौंप दे, अपनी तीन परमाणु सुविधाओं को बंद करे और अगले 20 वर्षों तक यूरेनियम विकास पर रोक लगाए। इसके विपरीत, ईरान ने प्रस्ताव दिया है कि वह यूरेनियम का कुछ हिस्सा कमजोर करेगा और शेष हिस्सा किसी तीसरे देश को सौंप देगा। ईरान 10 से 15 साल तक संवर्धन रोकने को तैयार है, लेकिन परमाणु सुविधाओं के भविष्य पर अभी तक कोई सहमति नहीं बन पाई है। ताजा हमलों के बाद अब इस कूटनीतिक प्रक्रिया के भविष्य पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं।