jhankar
ब्रेकिंग
Aaj Ka Rashifal: आज दिनांक 03 अप्रैल 2026 का राशिफल, जानिए आज क्या कहते है आपके भाग्य के सितारे इंडोनेशिया में 7.4 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप: सुनामी की लहरों के बाद चेतावनी, एक मौत होर्मुज जलडमरूमध्य संकट: ईरान का भारत को सुरक्षा का बड़ा आश्वासन जांच के नाम पर वनरक्षक से मारपीट का आरोप, सागौन कटाई में विभाग के ही कर्मचारी घेरे में हनुमान जयंती पर भक्तिभाव का सैलाब : मंदिर-मंदिर अखंड रामायण, सुंदरकांड और महा भंडारे उज्जैन की केमिकल कंपनी में 30 कर्मचारियों का कान खराब, हियरिंग मशीन लगी भोपाल में शराब दुकानों की शिफ्टिंग पर बवाल, लोगों ने जताया विरोध ग्वालियर में बदमाशों ने पुलिस टीम पर हमला किया, गोलीबारी में बचीं जानें नीमच के कलाकार का कमाल, तुलसी पत्तों पर लिखी हनुमान चालीसा बागेश्वर धाम में हनुमान जन्मोत्सव की धूम, श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़, देश-विदेश से पहुंचे हजारों लोग

ईरान-अमेरिका तनाव चरम पर: ट्रंप की दखलअंदाजी की धमकी और तेहरान की जवाबी चेतावनी

मकड़ाई एक्सप्रेस 24 नई दिल्ली/वॉशिंगटन/तेहरान – 14 जनवरी, 2026

ईरान और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच कूटनीतिक संबंध पूरी तरह से टूट चुके हैं। हालिया रिपोर्टों के अनुसार, ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची और अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकोफ के बीच चल रही अनौपचारिक बातचीत को पूरी तरह से निलंबित कर दिया गया है।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तीखी बयानबाजी और ईरान के आंतरिक विरोध प्रदर्शनों में सैन्य हस्तक्षेप की धमकियों ने पश्चिम एशिया में युद्ध के बादलों को गहरा कर दिया है।

ट्रंप का ‘हस्तक्षेप’ संकल्प और प्रदर्शनकारियों को खुला समर्थन

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान में चल रहे सरकार विरोधी प्रदर्शनों को अपना खुला समर्थन दिया है। सोशल मीडिया पर जारी संदेशों में ट्रंप ने प्रदर्शनकारियों से अपनी संस्थाओं पर कब्जा करने की अपील की और कहा, “अपना प्रदर्शन जारी रखें, मदद रास्ते में है।”

उन्होंने ईरानी अधिकारियों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि प्रदर्शनकारियों पर अत्याचार करने वालों को भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। ट्रंप के इन बयानों को तेहरान ने अपने संप्रभुता में सीधा हस्तक्षेप करार दिया है।

तेहरान की दोटूक चेतावनी: अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर होगा हमला

अमेरिका की धमकियों के जवाब में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई और सैन्य नेतृत्व ने कड़ा रुख अपनाया है। ईरानी अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि अमेरिका ने किसी भी प्रकार की सैन्य कार्रवाई की, तो क्षेत्र में स्थित सभी अमेरिकी सैन्य ठिकाने उनके निशाने पर होंगे।

- Install Android App -

तेहरान ने पड़ोसी देशों को भी चेतावनी दी है कि यदि वे अपनी धरती का उपयोग ईरानी हितों के खिलाफ करने देते हैं, तो उन्हें भी गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। रिपोर्टों के अनुसार, मिडिल ईस्ट के मुख्य हवाई अड्डों से कुछ अमेरिकी कर्मचारियों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है।

भारत की बड़ी एडवाइजरी: नागरिकों को तुरंत ईरान छोड़ने का निर्देश

बढ़ते खतरे को देखते हुए भारत सरकार के विदेश मंत्रालय (MEA) ने एक आपातकालीन एडवाइजरी जारी की है। मंत्रालय ने ईरान में रह रहे सभी भारतीय नागरिकों को तुरंत देश छोड़ने की सलाह दी है। जो नागरिक अभी वहां मौजूद हैं,

उन्हें किसी भी तरह के विरोध प्रदर्शन या रैलियों से दूर रहने और भारतीय दूतावास के साथ निरंतर संपर्क में रहने को कहा गया है। सुरक्षा की दृष्टि से नागरिकों को अपने पासपोर्ट और यात्रा दस्तावेज तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं।

परमाणु डील की संभावनाएं खत्म, युद्ध की आशंका बढ़ी

बीते एक साल से यूरोपीय देशों और इजरायल के साथ मिलकर ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर जो बातचीत चल रही थी, वह अब पटरी से उतर गई है। ईरानी अधिकारियों ने संकेत दिया है कि मौजूदा तनाव ने कूटनीति के सभी रास्ते बंद कर दिए हैं।

इस गतिरोध ने न केवल परमाणु स्थिरता को खतरे में डाल दिया है, बल्कि वैश्विक तेल आपूर्ति और समुद्री व्यापार मार्ग (Strait of Hormuz) के लिए भी बड़ा संकट पैदा कर दिया है।

(साभार इंटरनेट मिडिया)