खंडवा : नगर निगम कि अतिक्रमण दस्ता को सर्जरी की जरूरत है क्योंकि अतिक्रमण दस्ते में पुराने कर्मचारी होने पर अतिक्रमण मुहिम उस तरह शहर में नहीं चल पाती है जिस तरह चलना चाहिए? यही वजह है कि अतिक्रमण हटाने की खाना पूर्ति के नाम पर कार्रवाई कर इति श्री कर ली जाती है। जिला कलेक्टर के आदेश के बाद फिर एक बार अतिक्रमण मूहीम चलाकर वह वाही लूटी जाएगी। उक्त टिप्पणी करते हुए समाजसेवी गणेश भावसार ने कहा कि घंटाघर से लेकर बॉम्बे बाजार की मुख्य सड़क पर फिर अतिक्रमणकारियों का कब्जा हो गया है। घंटा घर पर तो पार्किंग की जगह पर चूने की लाइन में ठेले एवं फोर व्हीलर गाड़ियां पार्किंग हो रही है जो फोर व्हीलर गाड़ियां खड़ी है वहां भी दो माह से अधिक समय से स्थाई खड़ी वह धूल में भर गई है । वही मधुसूदन टावर गली , बुधवार बाजार, जलेबी चौक, शिवाजी चौक, सर्राफा, कहारवाडी, इमलीपुरा, रेलवे स्टेशन रोड़ पर अतिक्रमण देखा जा सकता है ।
श्री भावसार ने आगे कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के ऐतिहासिक मिट्टी संग्रह स्थल को भी अतिक्रमणकारियों ने घेर लिया है यह शहर के हृदय स्थल घंटाघर स्थित है । लेकिन वहां भी अब सुरक्षित नहीं है उसके चारों ओर अतिक्रमणकारियों का कब्जा है। पूर्व में नगर निगम ने अलग-अलग क्षेत्र में हाकर जोन बनाकर व्यवस्थित करने की कोशिश तो की थी लेकिन ब्रिज के पास दूध तलाई, भैरव तालाब की स्थिति सभी को मालूम है।
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चौधरी मोहन गुर्जर मध्यप्रदेश के ह्र्दयस्थल हरदा के जाने माने वरिष्ठ पत्रकार है | आप सतत 17 वर्षो से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवायें देते आ रहे है। आपकी निष्पक्ष और निडर लेखनी को कई अवसरों पर सराहा गया है |
