खरगोन:सड़क न होने से झोली मे ले जा रहे बीमार बुजुर्ग महिला की रास्ते में हुई मौत, गांव से 10 किमी दूर है अस्पताल,
आजादी के 70 साल के बाद भी प्रदेश मे सड़को का अभाव
मकड़ाई एक्सप्रेस 24 खरगोन।प्रदेश मे प्रधानमंत्री /मुख्यमन्त्री सड़क योजना में सड़को का जाल बिछा है बाबजूद इसके वनांचलो मे सड़क न होने के अभाव मे बिमार बुजुर्गो की मौत हो रही है। खरगोन जिले में गांव में सड़क की सुविधाओं पर सवाल खड़े करती एक घटना सामने आई है। यहां बड़वाह विकासखंड की ग्राम पंचायत बड़की चौकी के देवगढ़ गांव में एक 60 साल की बुजुर्ग किरपाल वारिया गंभीर रूप से बीमार हो गई थीं।
झोली मे ले जा रहे थे 10 किमी दूर अस्पताल
गांव तक जाने का रास्ता नहीं होने से कोई वाहन गांव नहीं आ पाता, ऐसे में ग्रामीण कपड़े की झोड़ी में उन्हें लेटाकर इलाज के लिए 10 किमी दूर ले जा रहे थे। लेकिन रास्ते में महिला ने दम तोड़ दिया।ग्राम पंचायत बड़की चौकी के सरपंच छन्नूलाल वर्मा ने बताया 70 साल बाद भी हमारे गांव पहुंचने के लिए रास्ता नहीं बना है। हमें बीमार या गर्भवती महिला को इसी तरह झोली बनाकर ले जाना पड़ता है। हमारे गांव से बागोद का हॉस्पिटल करीब 10 किमी दूर है।
आवेदन निवेदन के बाद भी सड़क नही बनी
600 की आबादी वाले देवगढ़ गांव में कोई स्वास्थ्य सुविधा नहीं पहुंचती है। सरपंच ने कहा सुबह से बीमार बुजुर्ग किरपाल वारिया को झोली बनाकर निकले थे। पहाड़ी पथरीला रास्ता पार कर मंडलेश्वर के पास पहुंच गए थे, लेकिन रास्ते में बुजुर्ग ने दम तोड़ दिया। सरपंच ने कहा लंबे समय से मार्ग बनाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
बुजुर्ग महिला की समय पर इलाज नहीं मिलने से हुई मौत
गांव में बीमार बुजुर्ग महिला की समय पर इलाज नहीं मिलने से जान चली गई। ग्रामीणों ने उन्हें कपड़े की झोली में लेटाकर अस्पताल तक ले जाने की कोशिश की, लेकिन रास्ते में ही उनकी जान चली गई। गांव तक के लिए रास्ता होता तो यहां एंबुलेंस पहुंच पाती और बुजुर्ग महिला की जान बच सकती थी।

