MS Dhoni के नेतृत्व में भारतीय टीम ने 2 अप्रैल 2011 को मुंबई में श्रीलंका को हराकर वर्ल्ड कप खिताब हासिल किया था। टीम इंडिया ने 28 साल बाद दूसरी बार वर्ल्ड कप जीतते हुए इतिहास रचा था। इस फाइनल मुकाबले में दो बार टॉस किया गया था और ऐसी स्थिति क्यों बनी थी इसका खुलासा श्रीलंकाई कप्तान Kumar Sangakkara ने किया। Kumar Sangakkara ने कहा कि भारतीय कप्तान MS Dhoni की वजह से दूसरी बार टॉस किया गया।
Kumar Sangakkara ने Ravichandran Ashwin के साथ इंस्टाग्राम लाइव के दौरान उस वाकये को याद किया। वानखेडे स्टेडियम दर्शकों से खचाखच भरा हुआ था। इतना ज्यादा शोर हो रहा था कि माही सुन ही नहीं पाए थे कि मैंने टॉस के दौरान क्या कहा था। माही ने पहली बार सिक्का उछालने के बाद मुझसे पूछा कि क्या आपने ‘टेल’ कहा और मैंने कहा कि नहीं मैंने ‘हेड’ कहा था। मैच रैफरी ने भी कहा कि मैंने टॉस जीत लिया है लेकिन धोनी ने कहा कि ऐसा नहीं है, आपने वो नहीं था। वहां भम्र की स्थिति पैदा हो गई तब माही ने कहा कि एक बार फिर से टॉस कर लेते हैं। दोबारा टॉस किया और इस बार भी ‘हेड’ आया और मैं टॉस जीत गया। Kumar Sangakkara ने कहा, यदि धोनी टॉस जीतते तो भारत पहले बल्लेबाजी करता और मैच का परिणाम कुछ और हो सकता था।
एंजेलो मैथ्यूज की कमी खली:
कुमार संगकारा ने कहा कि श्रीलंका टीम को फाइनल में एंजेलो मैथ्यूज की कमी खली, जो चोट की वजह से उस मैच में नहीं खेल पाए थे। एंजेलो मैथ्यूज ने श्रीलंका को न्यूजीलैंड के खिलाफ जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी। संगकारा ने कहा, मैथ्यूज के बाहर होने की वजह से हमें 6-5 के कॉम्बिनेशन के साथ मैदान में उतरना पड़ा था। यदि वे फिट होते तो हम 7-4 के कॉम्बिनेशन के साथ मैदान में उतरते। उनकी चोट की वजह से हमें इस महत्वपूर्ण मैच में टीम में बदलाव करना पड़ा था।

