_पटवारी संघ ने अपनी मांग रखी सरकार पटवारी की भूमिका ‘निष्पादक’ के बजाय ‘सहयोगी’ के रूप में तय करती है, लंबे समय से लंबित कैडर और वेतनमान जैसी मांगें पूरी करनी चाहिए है,तो हमारा सहयोग रहेगा।_
मकडा़ई एक्सप्रेस 24 हरदा। प्रदेश सरकार की ‘स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन-2026’ योजना को लेकर सरकार और पटवारी संघ में टकराव बढ़ गया है।
भोपाल में हुई उच्चस्तरीय बैठक में पटवारी संघ ने साफ कर दिया कि कंपनी अधिकारी सिर्फ बिना रजिस्ट्री दस्तावेज के ‘निष्पादक’ की भूमिका निभा रहे हैं। संघ का कहना है कि पटवारियों को व्यक्तिगत रूप से निष्पादक बनाया जा रहा है, भविष्य में सीमांकन या कब्जे को लेकर विवाद होने पर पटवारियों पर सीधी कार्रवाई की आशंका है।
संघ ने शर्त रखी कि यदि सरकार पटवारी की भूमिका ‘निष्पादक’ के बजाय ‘सहयोगी’ के रूप में तय करती है, लंबे समय से लंबित कैडर और वेतनमान जैसी मांगें पूरी करती है, तो ही वे इस प्रक्रिया में पूरा सहयोग देंगे। संघ के उपप्रांताध्यक्ष राजीव जैन और जिला सचिव सुनील शर्मा ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासनिक दबाव जारी रहा तो प्रदेश भर के पटवारी सर्वे आंदोलन की राह पकड़ेंगे।

