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हरदा जिले मे जिला प्रशासन की नाक के नीचे से चल रहा है खाद की काला बजारी का खेल : मोहन बिश्नोई 

हरदा : इस वर्ष हरदा जिले मे किसानों ने बड़े रकबे मे मक्का की फ़सल लगाई है इसका मुख्य कारण है किसानों को सोयाबीन के दाम नहीं मिल रहे है । सोयबीन घाटे की खेती हो गई है इसलिए किसानों का मक्का के प्रति रुझान बड़ा और मक्का की बोनी किसानों ने की है किसानों को मक्का मे डालने के लिए यूरिया एवं डी ए पी खाद की सख्त जरुरत है लेकिन जिला प्रशासन किसानों को खाद उपलब्ध नहीं करा पा रहा है और ना ही जो खाद की रेग लग रही है उसकी निगरानी कर पा रहा है जिले मे सम्बंधित अधिकारियो को ये भी नहीं पता है की कितनी खाद जिले मे अभी तक आई है और उसका कहाँ कहाँ वितरण हुआ है इस वर्ष हरदा जिले के 52 सहकारी समितियां है लेकिन एक भी सहकारी समिति को यूरिया या डी ए पी खाद किसानों को वितरण करने के लिए नहीं दी गई ।

जबकि किसानों से गेहूं और चना की जो समर्थन मूल्य पर खरीदी हुई थी उसमे बसूली कर ली गई लेकिन किसानों को डी ए पी या यूरिया खाद किसानों को नहीं दी गई किसान दर दर भटक रहा है खाद के लिए और महंगे दाम पर खाद ब्लैक मे लेने को मजबूर है काला बाजारी का जीता जागता उदाहरण अभी देखा गया की किस तरह व्यापारी और भाजपा से जुड़े दलाल किसानों का शोषण कर रहे है ।

लेकिन विभाग के जिम्मेदार अधिकारी बेखर है किसान कांग्रेस ने 23 जून को खाद की मांग को लेकर जिला कलेक्टर एवं मुख्यमंत्री को पत्र लिखा था।

उसके बाद भी जिला प्रशासन ने इस और ध्यान नहीं दिया की जो रैक लगी है उस खाद का वितरण सही क्यों नहीं हुआ और अन्य 6 से 7 जिले मे खाद हरदा से बाहर महंगे दाम पर बेच कर किसानों को लुटा गया है लेकिन केवल औपचारिकता कर के मामले को छोड़ दिया गया है आधी अधूरी कार्यवाही की गई है खाद की काला बाजारी मे लिप्त कंपनी के प्रतिनिधि को बचाया गया है उसको आरोपी नहीं बनाया गया है और ना ही उसके रिकार्ड रजिस्टर की जांच की गई ।

 

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अभी तक की कितनी खाद रैक पाइंट से सीधे अन्य दुकानों पर या अन्य जिले मे भेजी गई है किसान कांग्रेस द्वारा वर्ष 2018 – 19 मे भी इसी व्यापारी की एक्सपायरी खाद की रिपेकिंग करते हुई पकड़ा गया था उस समय भी किसान कांग्रेस ने इसके खाद के लायसेंस निरस्त कराए थे लेकिन बाद मे फिर वहीं लाइसेंस बहाल कैसे हुई उसकी जांच होनी चाहिए अभी तक सम्बंधित विभाग ने क्या कार्यवाही की है ।

वह की बताना चाहिए विभाग केवल एफ आई आर दर्ज करा कर अपना बचाव नहीं कर सकता है विभाग को इनके सारे लाइसेंस निरस्त करना चाहिए और लाइसेंस केवल रिटेयल के नहीं सम्बंधित व्यापारी का होलसेल लाइसेंस भी निरस्त किया जाए और ऐसे व्यापारी पर जो किसानों का शोषण करता हो उस पर कठोर कार्यवाही की जाना चाहिए

इस प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से जिला प्रशासन से मांग करती है की अगले तीन दिन मे कंपनी के प्रतिनिधि पर भी कार्यवाही की जाए और निष्पक्ष जांच कर किसानों के साथ न्याय करे ताकि आगे कोई ऐसी परेशानी का सामना किसानों को नहीं करना पड़े अन्यथा तीन दिन बाद किसान कांग्रेस जिला कलेक्टर को मुख्यमंत्री के नाम का ज्ञापन देंगे ।