नेमावर। नेमावर सहित नर्मदा के ऊपरी क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश व बरगी डेम व तवा डैम के गेट खोलने से नेमावर में नर्मदा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। गुरवार शाम 7 बजे तक नर्मदा खतरे के निशान 885 फीट पर बह रही थी। धीरे-धीरे जलस्तर लगातार बढ़ रहा था। बाढ़ के हालात निर्मित करने वाली सहायक नदी जामनेर भी उफान पर आ गई। इसके चलते प्रशासन ने नेमावर की निचली बस्तियों व नर्मदा किनारे बसे गांव में अलर्ट जारी किया है। नगर घाट पर स्थित प्रसादी की दुकाने हटवाई गई है लेकिन जिन दुकानदारों ने अपनी दुकान नहीं हटाई थी उनकी दुकान पानी में डूब गई है।
नेमावर की विभिन्न सामाजिक धर्मशालाओं को भी सूचित कर दिया गया है ताकि निचली बस्तियों में पानी घुसने पर लोगों को इन धर्मशाला में ठहराया जा सके इधर क्षेत्र में दोपहर बाद बारिश बंद हो गई जिससे लोगों ने थोड़ी राहत की सांस ली है। यदि नर्मदा का जलस्तर खतरे के निशान 885 फीट को पार करती है तो नेमावर की निचली बस्तियों के लोगों को धर्मशाला और स्कूलों में शिफ्ट किया जाएगा। इसके लिए प्रशासन ने डोडी पिटवाकर लोगों को सतर्क और आगह कर दिया है। इन परिवारो को राहत शिविर में शिफ्ट किया जाएगा यहां करीब 300 परिवार रहते हैं सबसे पहले इसी बस्ती में पानी घुसता है।
खाई पार का नेमावर से कट जाता है संपर्क
नेमावर में नर्मदा का जलस्तर खतरे के निशान के ऊपर पहुंचाने के बाद नेमावर का खाई पार बस्ती का संपर्क सीधा नेमावर से कट जाता है। इसके बाद खाई पर एक टापू का रूप ले लेती है। इसलिए वहां पर करोड रुपए की लागत से ब्रिज का निर्माण किया जा रहा है ताकि लोगों का बारिश मे आवागमन ना रूख सके।

