नई दिल्ली। चारधाम की यात्रा में श्रद्धालुओं की मुश्किल को आसान बनाने के लिए सरकार इस रूट पर इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित कर रही है। राष्ट्रीय राजमार्ग 34 इसी कड़ी का अहम हिस्सा है। यह राजमार्ग करीब 1,426 किलोमीटर का बनाया जा रहा है, जो देश के सबसे बड़े राजमार्गों में से एक है। इस राजमार्ग में सबसे बड़ी मुश्किल गंगोत्री की खाई थी, जिस पर पुल का निर्माण किया जा रहा है और जल्द ही इसका निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा। यहां बना पुल हाल में आई बाढ़ में टूट गया था। यह राजमार्ग गंगोत्री से लेकर मध्य प्रदेश के लखनाडोन तक जाएगा, जो तीन राज्यों को पार करेगा। उत्तराखंड से शुरू होकर यूपी राजमार्ग मध्य प्रदेश के श्योनी जिले तक जाएगा।
जानकारी के मुताबिक एनएच 34 का पहाड़ों में रूट गंगोत्री धाम से शुरू होकर उत्तरकाशी, बारकोट और धरासू तक जाता है। धरासू के आगे यह दो तरफ मुड़ जाता है एक हरिद्वार और दूसरा ऋषिकेश। यहां से एनएच 34 यूपी में प्रवेश करता है। यूपी में यह नाजिबाबाद, बिजनौर, मेरठ, गाजियाबाद, बुलंदशहर, अलीगढ़, एटा, कन्नौज और कानपुर के रास्ते हमीरपुर और महोबा तक जाएगा। जहां से मध्य प्रदेश में प्रवेश करेगा। मप्र में यह छतरपुर, दामोह, जबलपुर के रास्ते लाखनडोन तक जाएगा। यह राजमार्ग कई बड़े शहरों और औद्योगिक इलाकों के साथ कई धार्मिक स्थलों से भी गुजरेगा।
इस राष्ट्रीय राजमार्ग से कई सेक्टर के उद्योगों को फायदा मिलेगा जैसे हरिद्वार में टूरिज्म, धार्मिक यात्रा और आयुर्वेद को बढ़ावा मिलेगा। मेरठ में उद्योगों के अलावा रियल एस्टेट और एजुकेशन सेक्टर को फायदा मिलेगा। इसी तरह अलीगढ़ में यह राजमार्ग ताला उद्योग और स्मार्ट सिटी डेवलपमेंट के लिए फायदेमंद साबित होगा। कानपुर में यह एनएच चमड़ा और कपड़ा उद्योग के लिए लाभकारी होगा। जबलपुर शहर से गुजरने वाला यह राजमार्ग रक्षा, लॉजिस्टिक्स और टूरिज्म सेक्टर को लाभ पहुंचाएगा।

