उज्जैन। शनिवार देर रात एक दुखद हादसा हुआ, जब शिप्रा नदी के पुल से एक कार नदी में गिर गई। इस कार में तीन पुलिसकर्मी सवार थे, जिनमें थाना प्रभारी (टीआई) अशोक शर्मा, सब-इंस्पेक्टर (एसआई) एमएल निनामा और कांस्टेबल आरती पाल शामिल थे। यह हादसा तब हुआ, जब ये तीनों पुलिसकर्मी उज्जैन से उन्हेल की ओर जा रहे थे। हादसे की खबर मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासन हरकत में आ गया, और एनडीआरएफ (राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल) की टीम को तुरंत बचाव कार्य के लिए बुलाया गया।
शिप्रा नदी में समा गई पुलिस की गाड़ी
एनडीआरएफ की टीम पिछले छह घंटों से लगातार कार और उसमें सवार पुलिसकर्मियों की तलाश में जुटी हुई है। शिप्रा नदी की तेज धारा और गहराई के कारण बचाव कार्य में काफी मुश्किलें आ रही हैं। रात के अंधेरे और नदी के बहाव ने रेस्क्यू ऑपरेशन को और जटिल बना दिया है। इसके बावजूद, एनडीआरएफ की टीमें पूरी कोशिश कर रही हैं, लेकिन अभी तक कार का कोई सुराग नहीं मिला है। लंबे प्रयासों के बाद थाना प्रभारी अशोक शर्मा का शव मिल गया. बाकी दो पुलिसकर्मियों की तलाश जारी है। एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि कार को अभी तक नहीं ढूंढा जा सका है।
यह हादसा उज्जैन के लिए एक बड़ा झटका है, क्योंकि शिप्रा नदी के आसपास के पुलों पर पहले भी इस तरह की घटनाएं हो चुकी हैं। पुलिस प्रशासन ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है। हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए यह देखा जा रहा है कि क्या सड़क की स्थिति, रेलिंग की खराबी या तेज रफ्तार इसका कारण थी। साथ ही, स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए पुलों की मरम्मत और सुरक्षा उपायों को मजबूत किया जाए।

