मकडा़ई एक्सप्रेस 24 इंदौर। कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में शनिवार को इंदौर के IDA ग्राउंड में 20 से 25 हजार से ज्यादा युवा जुटे। यह राहुल गांधी के देशव्यापी छात्र संवाद अभियान का 5वां कार्यक्रम था, इससे पहले कोटा, देहरादून, प्रयागराज और पुणे में कार्यक्रम हो चुके हैं।
सिस्टम पर तीखा हमला, अंधभक्त वाला बयान
मंच से राहुल गांधी ने कहा – “आज का स्टूडेंट खुश नहीं है, वह भारी दबाव में है। उसे भविष्य नहीं दिख रहा।” उन्होंने आरोप लगाया कि आज का सिस्टम सवाल पूछने वाले छात्र को पसंद नहीं करता।
राहुल गांधी ने कहा, “इस सिस्टम को स्टूडेंट नहीं चाहिए, इसे अंधभक्त चाहिए। क्योंकि स्टूडेंट सवाल पूछता है – पेपर लीक क्यों हो रहा है? स्कूल-कॉलेज की हालत खराब क्यों है? भर्ती क्यों नहीं आ रही? जबकि अंधभक्त सवाल नहीं पूछता।”
उन्होंने सिस्टम के टॉप पर 6 लोगों के होने का दावा करते हुए कहा कि यह पूरा सिस्टम कुछ चुनिंदा लोगों द्वारा चलाया जा रहा है।
छात्रों ने बताया अपना दर्द – 8 साल से भर्ती नहीं
कार्यक्रम गैर-राजनीतिक रखा गया था, जहां छात्रों ने ही अपनी आपबीती सुनाई। MPPSC के अभ्यर्थियों ने कहा कि मध्यप्रदेश में पिछले 8 साल से भर्ती प्रक्रिया अटकी है, 13% पद होल्ड पर हैं और पेपर लीक के कारण मेहनत बर्बाद हो रही है।
इस पर राहुल गांधी ने कहा कि KG से लेकर मिड-डे मील, कॉलेज से लेकर रोजगार तक देना सरकार की जिम्मेदारी है, यह एहसान नहीं है।
कार्यक्रम से पहले विवाद और सुरक्षा
कांग्रेस ने दावा किया था कि कार्यक्रम के लिए 1.5 लाख रजिस्ट्रेशन हुए थे। वहीं कार्यक्रम से पहले शहर में ‘झूठ की गूंज’ के पोस्टर लगने से सियासी विवाद भी हुआ। प्रशासन ने 31 शर्तों के साथ कार्यक्रम की अनुमति दी थी।

