jhankar
ब्रेकिंग
राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर NSUI की बैठक, युवाओं से अधिक से अधिक संख्या में श... शिक्षक दिवस पर 3 स्कूलों में युवा समाजसेवियों ने किया शिक्षकों का भव्य सम्मान न्यायाधीश ने जिला जेल का किया औचक निरीक्षण, विधिक जागरूकता शिविर लगाया आंगनवाड़ी केन्द्र में मनाया गया कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव पिछले 24 घंटों में जिले में 7.2 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र के पात्र एमएसएमई के लिए मैसूर में एक्सपोजर विजिट का अवसर विकसित भारत क्विज के विजेताओं को प्रधानमंत्री के समक्ष विचार रखने का मिलेगा अवसर रूस में गूंजा हरदा के युवा का नाम, अंशुल दुगाया ने किया भारत का प्रतिनिधित्व शिवानुजा प्ले स्कूल में नन्हे-मुन्नों ने राधा-कृष्ण बनकर मोहा मन श्रीकृष्ण जन्मोत्सव पर सजी मनमोहक ... गौशाला है, फिर भी सड़क पर गौवंश! हंडिया में व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

किले से दागी गई तोप और भड़काऊ नारे, रायसेन के वीडियो ने किया बवाल

रायसेन। रायसेन में प्राचीन किले पर रमजान के महीने में कई मुस्लिम युवकों ने ईरान को सपोर्ट करते हुए तोप चलाई और इसकी रील बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दी। इस रील में युवक ईरान का समर्थन करते हुए कहते हैं कि अल्लाह हू अकबर। हिंदुस्तान का मुसलमान न कल डरा था और न हम आज डरेंगे। अब उनकी इस पर पोस्ट हिंदू संगठनों ने नाराजगी जताई है। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के सदस्य प्रियांक कानूनगो ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा है कि ईरान और रमजान के नाम पर भय फैलाया जा रहा है। पुरातत्व विभाग और अधिकारियों को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।

यह वीडियो ‘दानिश स्टार’ नाम की सोशल मीडिया आईडी से पोस्ट किया गया है। वीडियो के कैप्शन में लिखा गया है, “भारत के मुसलमान न कल डरे थे, न आज डरेंगे।” साथ ही इसमें ईरान और इजरायल के बीच चल रहे युद्ध का संदर्भ देते हुए ईरान का साथ देने की बात कही गई है।

- Install Android App -

प्रियंक कानूनगो का तीखा हमला
राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग (NHRC) के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने इस वीडियो पर कड़ी नाराजगी जताई और सोशल मीडिया पर लिखा, “मध्य प्रदेश के रायसेन में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) द्वारा संरक्षित किले से रिहायशी बस्ती के ऊपर देसी अवैध तोप चलाई गई है। लफंगों के खिलाफ गैर-कानूनी हथियार बनाने, गोला बारूद चलाने और दहशत फैलाने के लिए केस दर्ज होना चाहिए. एएसआई और स्थानीय प्रशासन हिंदुओं को महादेव मंदिर जाने से रोकने में ऊर्जा लगाते हैं, लेकिन ऐसी हरकतों पर चुप हैं। उन्होंने आगे चेतावनी दी कि वे इस मामले में अधिकारियों को नोटिस भेज रहे हैं और उन्हें कर्तव्य पालन न करने का हिसाब देना होगा।

प्रशासनिक कार्रवाई की तैयारी
वीडियो वायरल होने के बाद रायसेन का प्रशासनिक अमला सक्रिय हो गया है। तहसीलदार भरत मांडरे ने पुष्टि की है कि वीडियो की जानकारी मिली है और पुलिस को सूचित कर दिया गया है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि यह वीडियो कब का है और इसे पोस्ट करने वाले युवाओं का उद्देश्य क्या था।

हालांकि, स्थानीय सूत्रों का कहना है कि रायसेन में रमजान के दौरान रोजा खोलने (इफ्तार) की सूचना देने के लिए तोप चलाने की पुरानी परंपरा है, लेकिन इसे जिस तरह से पेश किया गया, उसने विवाद खड़ा कर दिया है। किले जैसी संरक्षित धरोहर पर बारूद का इस्तेमाल करना कानूनन अपराध है। ऐसे में ‘परंपरा’ के नाम पर कानून और सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों पर शिकंजा कसना तय माना जा रहा है।