ग्वालियर। डॉग्स और कैट लगभग हर इंसान के फेवरेट पालतू जानवर होते हैं। लोग इन्हें अपने घरों पर परिवार के सदस्य की तरह रखते हैं। लंबे समय से अमीर से लेकर साधारण वर्ग के लोगों के बीच कुत्तों और बिल्लियों के लिए खासा लगाव रहा है। जहां लोग इन्हें शौकिया तौर पर पालते हैं, तो वहीं सरकार ने इन्हें रखने के लिए नियम-कानून बनाए हैं। अब ग्वालियरवासियों को अपने फेवरेट पैट्स को रखने के लिए रजिस्ट्रेशन कराना होगा।
ग्वालियर में डॉग बाइट के बढ़ते मामलों के बाद नगर निगम ने सख्त एक्शन लिया है। अब शहर में कुत्ते और बिल्ली पालने के लिए रजिस्ट्रेशन कराना होगा। इसका जिम्मा चिड़ियाघर प्रबंधन को सौंपा गया है। इसके लिए 300 रुपये फीस लगेगी। इसमें 200 रुपये सामान्य फीस और 100 रुपये अतिरिक्त शुल्क लगेगा. ये पालतू जानवरों के लिए रजिस्ट्रेशन होगा, जो एक साल के लिए वैध होगा।
अपने फेवरेट कैट-डॉग्स का पंजीकरण ना कराने पर पशु मालिकों को भारी-भरकम जुर्माना देना होगा। पंजीकरण के 10 गुने के बराबर तक पेनाल्टी लगाई जाएगी। इस रजिस्ट्रेशन के जरिए पालतू पशुओं को एक ब्रांडिंग कोड मिलेगा। ये कोड पशु मालिकों के पास होगा और जानवर के गुम हो जाने पर इससे मदद मिलेगी। ग्वालियर शहर की बात करें तो यहां लगभग 4 हजार पालतू पशु हैं। कुत्ते-बिल्लियों के बाद गाय, बैल, भेड़, बकरी और घोड़े जैसे अन्य जानवरों का भी रजिस्ट्रेशन होगा।

