हरदा। शहर के साहित्यकार एवं वकील आ. नरेंद्र मौर्य का दुखद निधन हो गया। 80 वर्ष की उम्र में उन्होंने अंतिम सांस ली।
उनके निधन पर हरदा की एक बेटी ने श्रद्धांजलि अर्पित कर अपनी शोक संवेदना व्यक्त की।
श्रद्धांजलि देते हरदा की बेटी ऋचा साकल्ले (नईदिल्ली) ने फेसबुक पर लिखा है –
मित्रों को सर्वोपरि मानने वाले मेरे पिता के जाने के बाद अब उनके मित्रों की क़तार भी छोटी हो रही है…. कल रात पता चला कि साहित्यकार एवं वकील आ. नरेंद्र मौर्य अंकल भी नहीं रहे।मौर्य अंकल की ताज़ा तस्वीर मेरे पास नहीं है लेकिन पापा और मौर्य अंकल की ये दो तस्वीर उनके संबंधों की गरिमा की प्रतीक हैं। तस्वीरें स्व नरेंद्र कोहली अंकल के हरदा प्रवास के दौरान की हैं जहां हरदा रेलवे स्टेशन पर ये सभी मित्र एकत्रित होकर उनको छोड़ने पहुँचे थे। पहली तस्वीर में ट्रेन के भीतर स्व नरेंद्र कोहली और बीच में स्व नरेंद्र मौर्य और उनकी बगल में पापा खड़े हैं। दूसरी तस्वीर में कोहली अंकल के बगल में पापा फिर स्व अशोक वाजपेयी अंकल और फिर नरेंद्र मौर्य अंकल है।
मौर्य अंकल ने यूं तो कई किताबें लिखीं हैं मगर उनकी किताब “कोलंबस ज़िंदा है” हमेशा याद रहती है जिस पर “फारूक शेख और दीप्ति नवल” अभिनीत फ़िल्म बनी थी “साथ- साथ”।
मौर्य अंकल लंबे समय से बीमार थे हरदा में थे कल 21 अप्रैल मंगलवार की दोपहर उन्होंने अंतिम सास ली।
मौर्य अंकल से संबंध घरेलू थे वो परिवार ही थे। उनका जाना पापा के जाने की टीस को और गहरा गया।
विनम्र श्रद्धांजलि🌹💐🌹
ऋचा साकल्ले


