jhankar
ब्रेकिंग
जिला पंचायत सदस्य उप निर्वाचन 2026  मतगणना और परिणाम की घोषणा 5 अक्टूबर को पॉलिटेक्निक कॉलेज में हो... केन्द्रीय राज्य मंत्री दुर्गादास उइके 4 अक्टूबर को हरदा आएंगे सेवा मेरा योगदान: सेवा संकल्प अभियान के तहत हृदय रोग परीक्षण शिविर आयोजित आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम में बच्चों के पोषण स्तर में सुधार पर जोर शालेय शिक्षा विभाग द्वारा 70वीं राज्य स्तरीय शालेय कबड्डी प्रतियोगिता का हुआ शुभारंभ ड्राई डे पर आबकारी विभाग की कार्रवाई, अवैध मदिरा के विरुद्ध 9 प्रकरण दर्ज डिस्ट्रिक्ट चेस एसोसिएशन की कार्यकारिणी का पुनर्गठन आज का सुविचार बारिश ने ली प्रदेश से विदाई, सुबह सुबह हो रहा गुलाबी ठंड का अहसास हरदा - विश्व हिंदू परिषद दुर्गावाहिनी का शक्ति संचलन 6 अक्टूबर को

चरित्रवान व संस्कारवान बनाती है श्रीमद भागवत : डां कौशलेंद्र महाराज 

यूपी: सुरेन्द्र नगर लखनऊ में श्रीमद् देवी भागवत कथा का आयोजन किया गया है। कथा के शुभारंभ पर कलश यात्रा निकाली गई थी ।कथावाचक डॉ. कौशलेन्द्र कृष्ण शास्त्री जी महराज ने दूसरे दिन शुक्रदेव आगमन, नारदजी की कथा, राजा परीक्षित को श्राप तथा विदुर कथा का प्रसंग सुनाया। कथा का संक्षेप में सार बताते हुए कहा मनुष्य के जन्म जन्मांतर के पुण्यों का उदय होने पर ही श्रीमद् देवी भागवत जैसी भगवान की दिव्य कथा श्रवण का सौभाग्य मिलता है।

भागवत रूपी गंगा की धारा पवित्र और निर्मल है, जो पापियों को भी तार देती है। कार्यक्रम में सामाजिक कुरीतियों को दूर करने, बेटियों को शिक्षा, संस्कार आदि पर भी प्रकाश डाला गया श्रीमद देवी भागवत कथा व्यक्ति में मानवीय गुणों का समावेश कर उसे चरित्रवान व संस्कारवान बनाती है। जिससे व्यक्ति स्वयं को सबल बनाता है और अपनी उन्नति का मार्ग प्रशस्त करता है। यह विद्या का अक्षय भंडार है। कथा व्यास कौशलेन्द्र कृष्ण शास्त्री जी ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा के माध्यम से व्यक्ति सीधे भगवान की शरण में पहुंचता है।

- Install Android App -

उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा को त्रिवेणी कहा गया है। यमुना तट पर रची गई भगवान की लीलाओं को सरस्वती के तट पर लिखा गया और गंगा तट पर सुनाया गया। उन्होंने कहा कि सनकादिक ऋषियों ने सर्वप्रथम हरिद्वार में ही सप्तऋषि क्षेत्र में गंगा तट पर श्रीमद देवी भागवत कथा का वाचन किया था। इस मौके पर यज्ञाचार्य पं.अतुल शास्त्री सूरज दास राम उदय दास सुमन मिश्रा कमलावती मिश्रा कंचन पाण्डेय लज्जा मंजू मानसी रश्मि उमा शिवा

वंदना विभा रेनू अन्नपूर्णा रागनी प्रिया प्रीति रजना आदि रहे लोग अधिक संख्या में रहें