मकडा़ई एक्सप्रेस 24 मुंबई |भारतीय शेयर बाजार में बिकवाली का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। लगातार तीसरे दिन बाजार लाल निशान में बंद हुआ। कारोबार के दौरान सेंसेक्स 800 अंकों से ज्यादा तक लुढ़क गया, जबकि निफ्टी भी 22,700 के नीचे फिसल गया।
विदेशी निवेशकों ने जमकर बेचे शेयर
बाजार में गिरावट की सबसे बड़ी वजह विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की बिकवाली रही। गुरुवार को FIIs ने भारतीय बाजार से लगभग *3,458.70 करोड़ रुपये* के शेयर बेचे। कुछ रिपोर्ट में यह आंकड़ा 3,585 करोड़ तक बताया गया।
पिछले दो कारोबारी सत्रों में भी विदेशी निवेशक लगातार बिकवाली कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने बाजार को संभालने की कोशिश की और लगभग 2,891 करोड़ रुपये की खरीदारी की, लेकिन वे गिरावट को रोक नहीं पाए।
गिरावट के पीछे 3 बड़े कारण
कच्चे तेल की कीमतों में उछाल
ब्रेंट क्रूड का भाव 5 महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है और 112 डॉलर प्रति बैरल को पार कर गया है। सऊदी तेल ठिकानों पर हमले और West Asia में तनाव बढ़ने से सप्लाई की चिंता बढ़ गई है।
रुपया और बॉन्ड यील्ड का दबाव
रुपया डॉलर के मुकाबले कमजोर होकर 94.82 पर पहुंच गया। वहीं अमेरिका में 10 साल की बॉन्ड यील्ड 5% के करीब बनी हुई है, जिससे विदेशी पैसा भारत जैसे उभरते बाजारों से निकल रहा है।
ग्लोबल मार्केट से कमजोर संकेत
अमेरिका में मेटा और टेस्ला के निराशाजनक नतीजों के बाद टेक शेयरों में भारी गिरावट देखी गई। एशिया के बाजार – जापान, कोरिया, हांगकांग भी 1 से 3% तक गिरे।
किन सेक्टर्स में सबसे ज्यादा मार पड़ी….?
आज ऑटो, मेटल, पावर और FMCG सेक्टर में सबसे ज्यादा बिकवाली हुई। Mahindra & Mahindra, Maruti, Power Grid, Tata Steel जैसे शेयर टॉप लूजर्स में रहे।
हालांकि IT सेक्टर ने बाजार को थोड़ा सहारा दिया। TCS, Infosys और HCL Tech 1 से 2.5% तक बढ़त के साथ बंद हुए।
आगे क्या..?
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, बाजार की अगली दिशा तीन चीजों पर निर्भर करेगी:
1. कच्चे तेल के दाम घटते हैं या नहीं
2. India-US ट्रेड डील पर क्या अपडेट आता है
3. विदेशी निवेशकों की बिकवाली कब रुकती है
फिलहाल निफ्टी के लिए 22,550 – 22,600 का लेवल अहम सपोर्ट माना जा रहा है। अगर यह टूटा तो और गिरावट आ सकती है।

