बीजिंग/ल्हासा। तिब्बत क्षेत्र में गुरुवार रात आए जबरदस्त भूकंप ने भारी तबाही मचाई है। चीन के उत्तरी तिब्बत के नागकू (Nagqu) शहर में देर रात आए 7.0 तीव्रता के भूकंप में कम से कम 16 लोगों की मौत हो गई है और 54 लोग घायल हुए हैं। मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका है।
रात 10:33 बजे आया भूकंप, केंद्र 10 KM गहराई में
चीन के सरकारी मीडिया शिन्हुआ और अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वे (USGS) के अनुसार, भूकंप गुरुवार रात 22 अक्टूबर को 10:33 बजे (भारतीय समय 8:03 PM) आया। इसका केंद्र उत्तरी तिब्बत के नागकू में बाकेन काउंटी के मारू टाउनशिप में था, जो एक कम आबादी वाला और 4,864 मीटर ऊंचाई वाला इलाका है।
USGS ने इसकी गहराई 18 किलोमीटर बताई है, जबकि चीन के भूकंप नेटवर्क ने इसे 10 किलोमीटर उथला बताया। इसका केंद्र ल्हासा से करीब 390 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में था। भूकंप के बाद 4.3 से 5.2 तीव्रता के 7 आफ्टरशॉक भी आए।
सैकड़ों घर ढहे, 12 हजार लोग सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाए गए
नागकू प्रशासन के अनुसार भूकंप से कम से कम 339 घर और 20 पशु शेड पूरी तरह ढह गए। सैकड़ों घरों में दरारें आ गईं। 11 घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है।
राहत और बचाव के लिए 1,600 से ज्यादा रेस्क्यू कर्मी, 300 से अधिक पुलिस जवान और 347 फायर ब्रिगेड कर्मी मौके पर तैनात हैं। 12,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। सरकार ने 3,000 टेंट, 1,000 प्रीफैब घर, कंबल और विंटर कपड़े भेजे हैं।
भूकंप से नेशनल हाईवे 317 पर भूस्खलन हो गया है, जिसे बंद कर दिया गया है। रेल सेवाएं भी रोक दी गईं हैं और कई इलाकों में मोबाइल नेटवर्क ठप हो गया है।
आज सुबह फिर आया 4.4 तीव्रता का झटका
इस बीच तिब्बत में शुक्रवार सुबह 5 बजकर 54 मिनट पर एक और भूकंप आया है, जिसकी तीव्रता 4.4 रही। मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों तक बर्फबारी की चेतावनी दी है, जिससे बचाव कार्य में मुश्किल आ सकती है।
बता दें कि यह पिछले 5 सालों में इस क्षेत्र का सबसे बड़ा भूकंप बताया जा रहा है। इससे पहले जनवरी 2025 में तिब्बत के तिंगरी में आए भूकंप में 126 लोगों की मौत हुई थी।

