मकड़ाई एक्सप्रेस 24 नई दिल्ली । हमारे करीबी मुल्क में आज सुबह भूकम्प की जानकारी मिली ।जकार्ता इंडोनेशिया के उत्तर-पूर्वी क्षेत्र में स्थित मोलुक्का सागर (Molucca Sea) गुरुवार सुबह शक्तिशाली भूकंप के झटकों से दहल उठा। रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 7.4मापी गई है। भूकंप इतना जोरदार था कि इसके तुरंत बाद अधिकारियों को सुनामी की चेतावनी जारी करनी पड़ी। ताजा रिपोर्टों के अनुसार, इस आपदा में अब तक कम से कम एक व्यक्ति की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई इमारतों को नुकसान पहुँचा है।
भूकंप का केंद्र और समय
यूएस जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) के अनुसार, भूकंप गुरुवार सुबह स्थानीय समयानुसार करीब 06:45 बजे आया। भूकंप का केंद्र उत्तरी मालुकु प्रांत के टेरनेट (Ternate) शहर से लगभग 127 किलोमीटर दूर समुद्र के नीचे था। शुरुआत में इसकी तीव्रता 7.8 बताई गई थी, लेकिन बाद में इसे संशोधित कर 7.4 कर दिया गया। भूकंप की गहराई जमीन से 35 किलोमीटर नीचे दर्ज की गई।
सुनामी की लहरें और अलर्ट
भूकंप के तुरंत बाद पैसिफिक सुनामी चेतावनी केंद्र ने इंडोनेशिया के साथ-साथ फिलीपींस और मलेशिया के तटों के लिए भी अलर्ट जारी किया था। इंडोनेशियाई मौसम विज्ञान एजेंसी (BMKG) ने पुष्टि की कि भूकंप के बाद समुद्र में हलचल देखी गई और उत्तर सुलावेसी के जाइलोलो (Jailolo) और बिटुंग (Bitung) जैसे क्षेत्रों में लगभग 75 सेंटीमीटर (2.5 फीट) तक की छोटी सुनामी लहरें दर्ज की गईं। हालांकि, कुछ घंटों बाद जब स्थिति सामान्य होने लगी, तो सुनामी की चेतावनी को आधिकारिक तौर पर वापस ले लिया गया।
जानमाल का नुकसान
स्थानीय आपदा प्रबंधन एजेंसी के अनुसार, उत्तर सुलावेसी के मनाडो (Manado) शहर में एक इमारत गिरने से एक 70 वर्षीय महिला की मलबे में दबने से मौत हो गई। टेरनेट और आसपास के द्वीपों पर कई घरों और एक चर्च की दीवारों में दरारें आने की खबरें हैं। भूकंप के समय लोग दहशत में अपने घरों से बाहर निकल आए और ऊंचे स्थानों की ओर भागने लगे।
“रिंग ऑफ फायर” का खतरा
इंडोनेशिया दुनिया के सबसे अधिक भूकंप प्रभावित क्षेत्रों में से एक है क्योंकि यह ‘पैसिफिक रिंग ऑफ फायर’ पर स्थित है। यहाँ टेक्टोनिक प्लेटों के आपस में टकराने के कारण अक्सर भूकंप और ज्वालामुखी विस्फोट होते रहते हैं। प्रशासन ने तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को अगले कुछ घंटों तक सतर्क रहने और आफ्टरशॉक्स (भूकंप के बाद के झटके) के प्रति सावधान रहने की सलाह दी है। राहत और बचाव दल वर्तमान में प्रभावित क्षेत्रों में नुकसान का विस्तृत आकलन कर रहे हैं।

