इस घिनौने कारोबार को आमजन की जागरुकता से रोका जा सकता है
मकडा़ई एक्सप्रेस 24 भोपाल / जयपुर। गरीबी और कर्ज में फंसे परिवारों की मासूम बेटियों को खरीद-फरोख्त के जाल में फंसाने वाला एक बड़ा नेटवर्क सामने आया है। मीडिया रिपोर्ट्स और हाल की ग्राउंड पड़ताल में दावा किया गया है कि राजस्थान, मध्य प्रदेश के सीमावर्ती जिलों जैसे भीलवाड़ा, प्रतापगढ़, झालावाड़ से छोटी बच्चियों को 3 से 5 लाख रुपये में खरीदकर मुंबई-पुणे तक पहुंचाया जा रहा है। यह सिलसिला पिछले 10-15 साल से चलने का आरोप है।
3 साल की बच्ची से 5 लाख तक का सौदा, फिर पहचान बदलने का खेल
पड़ताल के अनुसार, इस रैकेट की शुरुआत गांवों में होती है।
गरीब माता-पिता को टारगेट
दलाल ऐसे परिवारों को ढूंढते हैं जो कर्ज या बेहद गरीबी में हैं। उन्हें पैसे का लालच देकर 3-4 साल की मासूम को ले लिया जाता है। कई जगह इसे ‘गोदनामा’ कहा जाता है।
फर्जी गोदनामे का सहारा
कानूनी रूप से गोद लेना सेंट्रल एडॉप्शन रिसोर्स अथॉरिटी (CARA) के जरिए ही वैध है। लेकिन यहां 100-500 रुपये के स्टांप पेपर पर नोटरी से फर्जी गोदनामा बनाकर बच्ची की पहचान बदल दी जाती है। असली नाम, जन्मस्थान गायब कर नया नाम दे दिया जाता है।
पालना और फिर बड़ी कीमत
बच्ची को 2-3 साल तक कथित तौर पर पालने के नाम पर रखा जाता है और बालिग होने के करीब आते ही मुंबई के कथित बिचौलियों को सौंप दिया जाता है।
मुंबई में रेट 35 से 40 लाख तक पहुंचने का दावा
रिपोर्ट में सबसे चौंकाने वाला दावा मुंबई को लेकर है। आरोप है कि जिस बच्ची को गांव से 3-5 लाख में खरीदा गया, उसी का सौदा मुंबई और पुणे के डांस बार, भीख मंगवाने वाले या देह व्यापार से जुड़े नेटवर्क में 35 से 40 लाख रुपये तक में किया जाता है। इस दौरान फर्जी आधार कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेज भी तैयार कराए जाने का दावा किया जा रहा है। यह सभी दावे जांच के विषय हैं।
झालावाड़ केस ने खोली पोल – पिता ने ही 4 लाख में बेचा
इस पूरे सिंडिकेट की सच्चाई हाल में राजस्थान के झालावाड़ में सामने आए एक मामले ने उजागर की।जानकारी के अनुसार भवानीमंडी पुलिस के अनुसार, एक पिता और मामा ने अपनी 17 साल की बेटी को 4 लाख रुपये में 34 साल के व्यक्ति को बेच दिया।
स्टांप पेपर पर शर्तें लिखी गईं कि अगर लड़की भागी तो पिता को 4 लाख लौटाने होंगे, उसे फोन नहीं रखने दिया जाएगा। लड़की 20 दिन में भाग गई, बालिका गृह में रही, लेकिन बालिग होते ही फिर उसी व्यक्ति के पास भेज दिया गया। तंग आकर उसने पति की हत्या की साजिश की कोशिश की, तब पुलिस जांच में पूरा सौदा सामने आया। एसपी अमित कुमार ने पिता, मामा और पति तीनों को गिरफ्तार किया है।
इसी तरह शिवपुरी (एमपी) में भी एक विधवा ने वीडियो जारी कर आरोप लगाया कि उसकी नाबालिग बेटी को 6 लाख में राजस्थान में बेच दिया गया।
गोदनामा से गोद नहीं, कानून क्या कहता है
भारत में बच्चा गोद लेना जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है अगर उसमें पैसे का लेन-देन हो।
– बिना CARA प्रक्रिया के सिर्फ स्टांप पर गोदनामा कानूनी नहीं है।
– पैसे लेकर बच्चा देना मानव तस्करी (IPC 370, 370A) और पॉक्सो एक्ट के तहत अपराध है।
– ऐसे मामलों में बाल कल्याण समिति (CWC) और 1098 चाइल्ड लाइन पर सूचना दी जा सकती है।
बच्चों की सुरक्षा के लिए प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि अगर कहीं गोदनामे के नाम पर बच्ची की खरीद-फरोख्त, पहचान बदलने या मुंबई-पुणे भेजने जैसी गतिविधि दिखे तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।

