jhankar
ब्रेकिंग
सड़कों पर खड़े चार पहिया वाहन दे रहे हादसों को न्योता, पैदल निकलना भी मुश्किल उमंग केंद्र का भ्रमण कर विद्यार्थियों ने जाना किशोरावस्था और मानसिक स्वास्थ्य का महत्व नरवाई जलाने पर ड्रोन से रखी जा रही नजर, एक किसान पर जुर्माना कलेक्टर का दो टूक संदेश: सरकारी काम छोड़कर दूसरी गतिविधियों में न उलझें अधिकारी, पहले निभाएं विभागीय... हंडिया : शक्ति से सृजन’ के तहत भमोरी पहाड़ी पर पौधरोपण, वृक्ष पूजन कर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश... ग्राम छापरखंडा में मुख्यमंत्री जन विश्वास शिविर आयोजित, ग्रामीणों को दी योजनाओं की जानकारी संभाग स्तरीय बालरंग प्रतियोगिता में माय किड्स एकेडमी स्कूल हरदा के विद्यार्थियों ने लहराया सफलता का ... नजूल भूमि पर निर्मित 12 दुकानों की नीलामी नियम विरुद्ध कर रही है नगर परिषद टिमरनी , आरक्षण नियमों का... नवरात्रि पर 17 अक्टूबर को हरदा में सजेगी विशाल भजन संध्या विद्युत चोरी के विरुद्ध सघन चेकिंग अभियान, 226 प्रकरण दर्ज, 62.35 लाख की बिलिंग

सड़क बनी ‘मौत का तालाब’, 2 साल से सतवासा के ग्रामीण नरकीय जीवन को मजबूर

केके यदुवंशी पत्रकार 

सिवनी मालवा। विकास के दावों की पोल तब खुल जाती है जब हकीकत जमीन पर दिखती है। सिवनी मालवा तहसील के ग्राम सतवासा में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनी सड़क ‘दलदल’ बन चुकी है। पिछले 2 साल से करीब 95 मीटर का हिस्सा तालाब में तब्दील है, जिससे ग्रामीण रोज जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर हैं।

स्कूल-बच्चे और हाट-बाजार के दुकानदार परेशान  

स्थानीय लोगों के अनुसार इस जर्जर हिस्से के ठीक पास स्कूल और मंदिर स्थित हैं। रोज सुबह सैकड़ों बच्चे इसी कीचड़ और गहरे गड्ढों से होकर स्कूल जाते हैं। हर बुधवार को यहीं हाट-बाजार भरता है, जहां आसपास के कई गांवों के सैकड़ों लोग खरीददारी करने आते हैं। भीड़ के कारण हादसों का खतरा कई गुना बढ़ गया है।

रोज हो रहे हादसे, वाहन हो रहे क्षतिग्रस्त  

ग्रामीणों ने बताया कि सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढों में हर समय पानी भरा रहता है। दोपहिया वाहन चालक अनियंत्रित होकर गिर रहे हैं और चोटिल हो रहे हैं। वाहनों का निचला हिस्सा टूट रहा है, जिससे लोगों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। गंदा पानी जमा होने से इलाके में मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है और मलेरिया-डेंगू जैसी बीमारियों का डर सता रहा है।

बोर्ड पर गारंटी, हकीकत में अनदेखी  

- Install Android App -

सबसे हैरान करने वाली बात ये है कि इस मार्ग का निर्माण और सड़क किनारे लगे बोर्ड पर रखरखाव और गारंटी की बातें दर्ज हैं। बावजूद इसके 2 साल से इस 95 मीटर टुकड़े की मरम्मत के लिए कोई सामने नहीं आया। जिम्मेदार मौन हैं और ग्रामीण अपने घरों के सामने नरकीय जीवन जीने को मजबूर हैं।

ग्रामीणों में आक्रोश, आंदोलन की चेतावनी  

इस बदहाली को लेकर जनपद सदस्य शेर सिंह दरबार के नेतृत्व में ग्रामीणों ने मोर्चा खोल दिया है। प्रदर्शन में अंकित गौर, मनीष दुबे, जितेंद्र गौर, शिवम गौर, नितेश यदुवंशी, विनय गौर, अभिनीत गौर सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।

जनपद सदस्य शेर सिंह दरबार ने चेतावनी दी कि “बच्चे और बुजुर्ग रोज दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं। तत्काल सुधार और जलभराव का स्थाई समाधान नहीं हुआ तो ग्रामीणों के साथ मिलकर उग्र आंदोलन किया जाएगा।”

इनका कहना।

बनी सड़कों का 5 साल तक ठेकेदार को रखरखाव करना अनिवार्य होता है। सतवासा वाली सड़क पर बोर्ड लगा है, लेकिन 2 साल से मरम्मत नहीं हुई।

जनपद सदस्य 

शेर सिंह दरबार