jhankar
ब्रेकिंग
टिमरनी पुलिस की तत्परता से 11 गोवंश सुरक्षित, गौसेवकों ने किया सम्मान पिकअप में ठूंस-ठूंसकर भरे थे 7 गाय और 4 बछड़े, टिमरनी पुलिस ने तस्करी की कोशिश नाकाम की गरिमा और सम्मान के साथ मनाया जाएगा अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस सेवा संकल्प अभियान अंतर्गत ‘नमो सेवा’ कार्यक्रम आयोजित मप्र संयुक्त किसान मोर्चा की सिवनी मालवा में महाबैठक, 25 संगठनों ने प्रदेशव्यापी आंदोलन का लिया फैसल... एसडीएम विजय राय ने किया निरीक्षण, बोले- हॉस्पिटल के पीछे से अतिक्रमण हटेगा तभी शुरू होगा निर्माण वृद्धा आश्रम में गूंजे गणपति बप्पा के जयकारे, महिला भजन मंडल की भजनों ने बांधा समां सेंट्रल बैंक ने चलाया सतर्कता जागरूकता अभियान, छात्रों को बताया साइबर ठगी से बचने का तरीका राधा अष्टमी पर बी जमानी में निकली भव्य डोल,बड़ी संख्या में श्रद्धालु हुए शामिल बैड़ी की राशन दुकान पर बड़ी कार्रवाई—दुकान निलंबित, विक्रेता पर FIR

6 दिनों से समर्थन मूल्य मूंग खरीदी केंद्रों में वारदान नहीं समय सीमा बढ़ाई जाएं , सभी किसानो का मूंग खरीदे सरकार कोई भी वंचित न रहे : मोहन बिश्नोई 

जिले क़े हजारों किसान अपनी मुंग बेचने से रह जाएंगे वंचित 

हरदा। जिले का किसान 7 दिन से खरीदी केंद्रों पर रातजगा कर रहा है लेकिन बरदान नहीं होने से किसान परेशान हो रहा है इन किसानों मे ऐसे भी बहुत किसान है जिनकी मुंग एक बार 40 क्विंटल की तुलाई हो गई है।

 

- Install Android App -

एक बिल बन गया है दूसरी बार भी स्लाट बुक कर दिया है और उस स्लाट की आज आखरी तारीख है अगर आज उनक़े मुंग की तुलाई नहीं होती है तो ना तो उनका बिल बनेगा और ना तीसरी बार स्लाट बुक होगा बीते 7 दिन मे भी हजारों किसानों की स्लाट की आखरी तारीख निकल चुकी है । जारी प्रेस विज्ञप्ति में किसान कांग्रेस जिलाध्यक्ष मोहन विश्नोई ने कहा कि।  कृषि विभाग द्वारा भी खरीदी केंद्रों पर कोई सुझाव नहीं दिया गया जबकि ऐसे किसानों को टोकन जारी करना था ।ताकि उनके बिल बन जाते और मुंग बेचने से वंचित नहीं रहते किसान कांग्रेस जिला प्रशासन से मांग करती है ऐसे हजारों किसान है।

 

जो बारदान की कमी से मुंग बेचने से वंचित हुए है उनको टोकन जारी करे ताकि उनके बिल बनाए जा सके क्योंकि खरीदी का समय मात्र 8 दिन बचा है और उसमे भी अभी 6 दिन बारदान नहीं होने से अधिकांश खरीदी केंद्रों पर खरीदी बंद रही थी इसी क़े साथ खरीदी का समय भी 30 अगस्त किया जाना चाहिए ताकि कोई भी किसान अपनी मुंग की उपज बेचने से वंचित ना रहे साथ ही नेडेफ खरीदी एजेंसी का जो लक्ष है 3 लाख 50 हजार मेट्रिक टन मूंग खरीदी का वो पूरा होने की स्थिति मे राज्य सरकार की जो एजेंसी मार्कफेड है उसके द्वारा खरीदी यथावत चालू रखी जाए ।