हंडिया। भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर जी की जयंती पर इस बार सिर्फ औपचारिकता नहीं, बल्कि सोच में बदलाव की पहल देखने को मिली। सिनर्जी संस्थान के युवालय प्रोग्राम (हंडिया सेंटर) द्वारा चीराखान ग्राम में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम ने युवाओं को नए नजरिए से जोड़ने का काम किया।
कार्यक्रम की शुरुआत अंबेडकर जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण और मौन श्रद्धांजलि से हुई, लेकिन असली माहौल तब बना जब युवाओं ने जनगीत के साथ अपने विचारों को खुलकर सामने रखा। यहां सिर्फ भाषण नहीं हुए, बल्कि हर युवा ने अपनी पहचान और सोच साझा की।
कार्यक्रम का खास पहलू रहा—बाबासाहेब के विचारों को आधुनिक तरीके से समझाना। वीडियो और चर्चा के माध्यम से शिक्षा, समानता और आत्मसम्मान को युवाओं की जिंदगी से जोड़कर बताया गया।
इसके बाद माहौल और भी रोचक हो गया जब युवाओं को समूहों में बांटकर जातिगत भेदभाव खत्म करने और लड़कियों की शिक्षा बढ़ाने जैसे मुद्दों पर खुली चर्चा कराई गई। युवाओं ने चार्ट पर अपने सुझाव लिखे और पूरे आत्मविश्वास के साथ प्रस्तुत किए—जो उनके अंदर जागरूकता और बदलाव की चाह को साफ दर्शाता है।
अंत में युवाओं ने सिर्फ बातें नहीं कीं, बल्कि अपने जीवन में बदलाव लाने का संकल्प भी लिया। कार्यक्रम का समापन समूह फोटो के साथ हुआ, लेकिन यहां से निकली सोच निश्चित ही समाज में सकारात्मक बदलाव की नई शुरुआत बनेगी।

