राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत शिक्षकों के प्रशिक्षण सत्र का हुआ शुभारंभ
हरदा : उमंग है तो जिंदगी में रंग है, इस कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों का सर्वांगीण विकास होगा। यह बात मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.एच.पी.सिंह ने उमंग स्कूल हेल्थ एवं वेलनेस के तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर कही। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे जिला शिक्षा अधिकारी डी. एस. रघुवंशी ने बताया कि वर्तमान में उमंग कार्यक्रम को हाईस्कूल एवं हायर सेकंड्री स्कूल में चलाया जा रहा है, जिसके बेहतर परिणाम सामने आ रहे हैं।
माध्यमिक शाला में कार्यक्रम के प्रारंभ होने से किशोर-किशोरियों को कम उम्र से जीवन कौशल की समझ विकसित होगी। डाईट प्राचार्य श्री अजय कुमार कुम्भारे ने हरदा जिले में उमंग गतिविधियों के सफलता पूर्वक संचालन के लिए शुभकामनाएं प्रेषित करते हुए इसे वर्तमान समय के लिए अत्यंत आवश्यक गतिविधि बताया।
शुभारंभ अवसर पर जिला समन्वयक श्री आशीष साकल्ले ने बताया कि उमंग कार्यक्रम अंतर्गत स्कूली बच्चों को निर्धारित 10 जीवन कौशलों से परिचित करवाया जा रहा है। कार्यक्रम की मदद से बच्चे जीवन में आने वाले चुनौतियों का सामना मजबूती से कर सकेंगे।
कार्यक्रम का एक और उद्देश्य है कि बच्चों को जीवन में आगे बढ़ने के लिए तैयार किया जाये। जीवन कौशल शिक्षा पर आधारित इस कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों के जीवन में आए सकारात्मक बदलाव आ रहा है।
राज्य स्तर से आए प्रशिक्षक श्री नीलेश शिंदे ने बताया कि यह गतिविधि आधारित कक्षावार जीवन कौशल शिक्षा के मॉड्यूल हैं, जिसे शिक्षा विभाग और स्वास्थ विभाग द्वारा मिलकर चलाया जा रहा है। कार्यक्रम अंतर्गत प्रत्येक माध्यमिक शाला से 2 शिक्षकों को (एक पुरुष एवं एक महिला) हेल्थ एवं वेलनेस एंबेसेडर के रूप में प्रशिक्षित किया जा रहा है।
यह प्रशिक्षित शिक्षक हेल्थ एंड वैलनेस एम्बेसेडर कक्षाओं में जीवन कौशल गतिविधियों का संचालन करते हैं। इस दौरान एपीसी श्री चंद्रगुप्त निमारे, उमंग मास्टर ट्रेनर श्री संजय वर्मा, सुश्री सुधा हथेल, श्री राधेकृष्ण शुक्ला, श्री अरूण शर्मा, श्री ललित नारायण सोनी, श्री विजय गौर, सुश्री पारूल काशिव, श्री दीपक गौर उपस्थित रहे।

