jhankar
ब्रेकिंग
Aaj Ka Rashifal: आज दिनांक 11 अप्रैल 2026 का राशिफल, जानिए आज क्या कहते है आपके भाग्य के सितारे MP BIG NEWS: एंब्रोसिया सीड्स प्रोड्यूसर प्रालि जिसने समर्थन मूल्य 8,768 रु. क्विंटल वाली मूंग को 25... इंदौर में ‘वंदे मातरम’ विवाद: राष्ट्रगीत के मुद्दे पर गरमाई सियासत! बीजेपी का प्रदर्शन, पुतला दहन इंदौर में लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई, उपयंत्री 15 हजार रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार उज्जैन में 21 घंटे बाद बोरवेल से निकाला गया 3 साल का मासूम, पहुंचाया गया अस्पताल इंदौर सुसाइड केस: थाना प्रभारी लाइन अटैच, SI पहले ही सस्पेंड, पुलिस पर उठे सवाल मधुमक्खियों का तांडव! गाडरवारा रेलवे स्टेशन पर यात्रियों पर किया हमला मथुरा में बड़ा हादसा: यमुना में पांटून पुल से टकराई नाव, 10 की मौत थाना अरेरा हिल्स पुलिस ने गांजा तस्कर को किया गिरफ्तार, 1300 ग्राम गांजा जप्त शाजापुर: 12 नामजद समेत 150 कांग्रेसियों पर केस दर्ज, SP ने कहा- सुरक्षा चूक पर TI होंगे जिम्मेदार

भोपाल में ‘अपनों से खरीदारी’ अभियान पर बवाल, ईद-नवरात्र को लेकर टकराव

भोपाल। के बाजारों में रमजान की रौनक शुरू होने वाली है, लेकिन इस बार खरीदारी के साथ सियासत भी गरमा गई है। भोपाल अहले सुन्नत समिति और AIMIM ने मुस्लिम समाज से अपील की है कि वे रमजान और ईद की खरीदारी केवल मुस्लिम दुकानदारों से ही करें। उनका कहना है कि इससे समाज की आर्थिक मजबूती बढ़ेगी। निजामी से जब हमने बातचीत की तो उन्होंने कई तर्क दिए। उन्होंने कहा कि मुस्लिम समाज पढ़ाई में पीछे है और ऐसे में जब मुस्लिम दुकानदारों की कमाई बढ़ेगी तो इससे मुस्लिम बच्चों की शिक्षा बेहतर होगी। हमने लगातार निजामी से सवाल पूछा कि क्या आप समाज को इस पहल से बांटने का काम नहीं कर रहे हैं. निजामी ठीक से जवाब नहीं दे पाए।

हिंदू संगठन बोले- क्रिया पर प्रतिक्रिया

मुस्लिम संगठनों की इस अपील के बाद हिंदू उत्सव समिति ने भी पलटवार किया है। समिति ने नवरात्र के मौके पर हिंदुओं से अपील की है कि वे सामान सिर्फ हिंदू दुकानदारों से ही खरीदें। उनका आरोप है कि इस तरह की अपीलें पहले छिपकर की जाती थीं, लेकिन अब खुलकर सामने आ रही हैं। हिंदू उत्सव समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी का कहना है की हर वर्ष ईद के मौके पर मुसलमानों के द्वारा पंपलेट बांटे जाते हैं और अपील की जाती है। सोशल मीडिया के माध्यम से भी मुस्लिम समुदाय के लोग मुसलमानों की दुकानों से ही सामान खरीदें, ऐसे में अगर हम क्रिया की प्रतिक्रिया कर रहे हैं, तो क्या दिक्कत है।

कांग्रेस ने जताई आपत्ति

- Install Android App -

इस पूरे विवाद पर कांग्रेस ने भी आपत्ति जताई है और इसे समाज को बांटने वाली राजनीति बताया है। कांग्रेस का कहना है कि भोपाल गंगा-जमुनी तहजीब के लिए जाना जाता है, और ऐसे बयान सामाजिक सौहार्द को नुकसान पहुंचाते हैं। अब सवाल यह है कि क्या त्योहार, जो कभी भाईचारे का प्रतीक थे, अब धर्म के आधार पर बंटते नजर आएंगे।

‘सबका साथ सबका विकास पर काम कर रहे’

हिंदू संगठनों ने कहा कि यह मोदी जी की सरकार है. हम सबका साथ सबका विकास और सबका विश्वास पर काम करते हैं। हमारी योजनाएं हिंदू और मुसलमान में भेद नहीं करती है। यहां सीता को अगर घर मिलता है, तो सलमा को भी घर मिलता है। कुछ और सामाजिक तत्व समाज को बांटने का काम करते हैं। मुस्लिम समाज के लोगों को चाहिए कि ऐसे लोगों का विरोध करें।

शांति का टापू बन रहे भोपाल

मध्य प्रदेश को शांति का टापू कहा जाता है। बात अगर राजधानी भोपाल की करें, तो गंगा-जमुना तहजीब का यह शहर माना जाता है। हमेशा से हर पर्व हिंदू और मुस्लिम मिलकर ही मनाते आए हैं। मगर आप चाहे हिंदू संगठन हो या फिर एआईएमआईएम का नेता, दोनों ही समाज को बांटने का काम करते हुए नजर आ रहे हैं। हालांकि विस्तार न्यूज के संवाददाता विवेक राणा लोगों के बीच पहुंचे, जहां हिंदू दुकान में लोगों का कहना है कि भोपाल शांति का टापू है, और इसी प्रकार शांति बनी रहे, वहीं मुस्लिम दुकानदारों का कहना है कि ऐसे विवाद की चलते त्योहारों में असर पड़ता है, भोपाल में शांति व्यवस्था बनी रहे।