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महू में किसानों और आदिवासियों का जंगी प्रदर्शन : 15 दिन में समाधान न होने पर घेरा डालो-डेरा डालो की चेतावनी

महू/इंदौर। अपनी विभिन्न मांगों और सुलगती समस्याओं को लेकर सोमवार को बड़ी संख्या में किसान, मजदूर और आदिवासियों ने ड्रीमलैंड चौराहे पर जोरदार धरना दिया। संयुक्त किसान सभा और माकपा के बैनर तले आयोजित इस प्रदर्शन में प्रदर्शनकारियों ने सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सभा की अध्यक्षता संयुक्त रूप से अर्जुन सिंह बरिया, चुन्नी भाई भूरिया और काशीराम नायक ने की।

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खेती और मनरेगा को खत्म करने की साजिश
अरुण चौहान सभा को संबोधित करते हुए किसान सभा के प्रदेश उपाध्यक्ष अरुण चौहान ने कहा कि सरकार की नीतियां खेती-किसानी को बर्बाद करने वाली हैं। फसलों की लागत तक नहीं निकल रही है और भावांतर योजना का लाभ किसानों को नहीं मिल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार मनरेगा को खत्म करने की साजिश रच रही है। 125 दिन काम देने का वादा महज जुमला साबित हो रहा है। चौहान ने कहा कि मनरेगा का बजट राज्यों पर डालना इस योजना को दम तोड़ने पर मजबूर करना है, जिससे ग्रामीण आबादी का पलायन बढ़ेगा।
राजस्व भूमि और वन अधिकार की मांग धरना सभा के बाद प्रदर्शनकारियों ने एक विशाल जुलूस निकाला, जो तहसील कार्यालय पहुँचा। प्रदर्शनकारियों ने प्रमुखता से मांग की कि:
– वन अधिकार पत्र और राजस्व भूमि के पट्टे तत्काल दिए जाएं।
– अवैध बेदखली पर तुरंत रोक लगाई जाए।
– जीरामजी कानून को रद्द कर मनरेगा को पूर्ववत बहाल किया जाए।
– ग्राम सभा की अनुमति के बिना कृषि भूमि का अधिग्रहण न हो।
– दलित और आदिवासी बस्तियों में कब्जे के आधार पर मालिकाना हक दिया जाए।

तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन, दी चेतावनी
कार्यकर्ताओं ने तहसील कार्यालय पर प्रदर्शन कर तहसीलदार विवेक सोनी को मुख्यमंत्री, संभागायुक्त और कलेक्टर के नाम 13 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा। स्थानीय समस्याओं का भी एक पृथक ज्ञापन दिया गया। आंदोलनकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि 15 दिनों के भीतर मांगों पर संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई, तो तहसील कार्यालय पर घेरा डालो-डेरा डालो आंदोलन शुरू किया जाएगा। आंदोलन का नेतृत्व कामरेड अरुण चौहान, नारायण कोहली, शारदाबाई बामनिया, सीताराम अहीरवाल और भारत सिंह कटारे सहित अन्य पदाधिकारियों ने किया। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाओं ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
प्रकाश/05 जनवरी 2026