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गांव में हुए हादसे में कई परिवार उजड़े, बच्चे को बचाने गए पिता और पुत्र भी मौत के कुएं में समाए

मकड़ाई समाचार विदिशा/गंजबासौदा। गंजबासौदा के लालपठार गांव में हुए हादसे में कई परिवार उजड़ गए। कुएं से चार शव निकाले जा चुके हैं। इसमें पिता और पुत्र भी शामिल हैं। गांव के 45 वर्षीय सुनील बाल्मीकि और उनका 18 साल का बेटा शिवम भी उस मौत के कुएं में समा गया। पिता और पुत्र की एक साथ मौत के बाद परिवार सदमे में है। सुनील की पत्नी रानी एक पैर से दिव्यांग है सहारे से चलती है। अब घर में कोई कमाने वाला नहीं है, सुनील के बूढ़े माता पिता, पत्नी रानी के अलावा उसका 13 साल का बेटा पप्पू और 15 की एक बेटी कंचन है। सुनील बाल्मीकि गंजबासौदा नगर पालिका में सफाई कर्मचारी था।

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सुनील के पिता सुभानसिंह बाल्मीकि ने बताया कि गुरुवार शाम की घटना है। उस वक्त रोज की तरह सुनील नगर पालिका से आने के बाद शाम को परिवार के साथ बैठा था। तभी अचानक सामने की तरफ कुएं के पास चीख पुकार की आवाज सुनाई दी। सुनील दौड़कर कुएं तरफ गया, पीछे से उसका बेटा शिवम भी चला गया। तभी पता चला कि गांव का एक बच्चा रवि कुएं में गिर गया।

दोनों पिता, पुत्र कुएं की छत पर चढ़कर कुएं में गिरे रवि को बचाने का प्रयास कर रहे थे, तभी अचानक कुएं की छत गिर गई और उस पर खड़े सभी लोग पानी में गिर गए। सुभान सिंह बताते हैं छत गिरने के बाद चारों तरफ हाहाकार मच गया था। अफरातफरी हो गई थी, सभी अपने अपने लोगों को पुकार रहे थे। रात में अंधेरा था, मोबाइल की टॉर्च में सुनील और शिवम को ढूंढते रहे। उन्होंने कुएं में सुनील और शिवम को आवाज लगाई लेकिन कोई जवाब नहीं आया। कुछ लोग रस्सी और सीढ़ियों के सहारे ऊपर आ गए थे, लेकिन उनका बेटा और पोता जिंदा वापस नहीं आए। आधी रात को दोनों के शव कुएं से निकले।