jhankar
ब्रेकिंग
हरदा उप पंजीयक कार्यालय ने अनुविभागीय अधिकारी से राजधानी कालोनी के विकास की अनुमति लिखित प्राप्त की ... हरदा नगरपालिका में रिकॉर्ड जलाने पर विवाद गहराया, CMO की सफाई पर कांग्रेस नेता ने उठाए सवाल; निष्पक्... हरदा में सात दिवसीय आपदा मित्र प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ नरवाई जलाना बना मुसीबत - 8 एकड़ मक्का जलकर खाक, इटारसी में भी कलेक्टर की समझाइश के बाद लगी आग ITBP के 65वें स्थापना दिवस पर पीएम मोदी ने हिमवीरों को दी बधाई, कहा - उनका अदम्य साहस देश के लिए प्र... हंडिया में अतिक्रमण का विस्तार, कार्रवाई का इंतजार! शरद पूर्णिमा पर अस्थमा-दमा के रोगियों को मिलेगी विशेष आयुर्वेदिक औषधि - टिमरनी आज से तीन दिन बंद रहेगी कृषि उपज मंडी अमिताभ बच्चन को जान से मारने की धमकी से मुंबई में हड़कंप, दिलजीत दोसांझ भी निशाने पर फीस के लिए TC और मूल दस्तावेज रोकना गैरकानूनी - राजस्थान हाईकोर्ट

हंडिया : डोल ग्यारस पर निकला माता यशोदा का डोल, पूजन कर महिलाओं ने भरी गोद

हंडिया।हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी धार्मिक नगरी में श्री राम जानकी मंदिर से माता यशोदा का विमान डोल ग्यारस पर भजन कीर्तन व विद्युत साज-सज्जा के साथ भव्य रूप से पूरे नगर में भ्रमण करते हुए।

मां नर्मदा के प्राचीन पवित्र सड़क घाट पर पहुंचा जहां पंडित श्री लक्ष्मण तिवारी द्वारा मां यशोदा का जलवा पूजन कराया गया एवं आरती कर वापसी के दौरान घरों घर महिलाओं ने विमान में विराजमान मां यशोदा की चावल बादाम खारक मेवे आदि से गोद भरी एवं पूजन आरती कर सुख समृद्धि की कामना की।

- Install Android App -

पंडित श्री तिवारी ने बताया कि आज की एकादशी को और भी कई नामों से जाना जाता है,जैसे जलझूलनी एकादशी,परिवर्तनीय एकादशी पदमा एकादशी जैसे कई नामों से भी जाना जाता है।

,श्री तिवारी ने कहा कि पुराण के अनुसार आज भगवान विष्णु अपनी शयन सैया पर करवट बदलते हैं,आज के दिन झूला झुलाकर जल देकर बाल कृष्ण की पूजा करते हैं। इसी कारण इसे जलझूलनी एकादशी भी कहा जाता है। डोल ग्यारस के पवित्र पर्व के दौरान श्रद्धालुओं की सेवा सुरक्षा और सहायता के लिए डोल के साथ पूरे रास्ते और मां नर्मदा के प्रमुख तटों पर पुलिस वल मौजूद रहा।