मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के कांग्रेस छोड़ने की अटकलों का बाजार गर्म हैं, दिल्ली से लेकर भोपाल तक हर एक कि जुबान पर ये ही है कि क्या कमलनाथ बीजेपी ज्वाइन कर सकते हैं|
मकड़ाई एक्सप्रेस 24 भोपाल। ये राजनीति है, साहब यहां पर कभी भी कुछ भी हो सकता है। कब कौन कहां हमेशा रहने वाला है।, और कब वह अपना पाला बदल देगा यह कहना नामुमकिन है। राजनीतिक पार्टियों में जब समर्पित नेताओ को पर्याप्त मान सम्मान या उनकी महत्वकांक्षा पूरी होते नजर नही आती है, तो वह उस पार्टी की रीति नीति से दूर होते है या दूसरी पार्टी ज्वाईन कर लेते है। मप्र की सियासत में अटकलों का बाजार गर्म हैं। मप्र के पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ अपने बेटे नकुल नाथ के साथ शनिवार से दिल्ली में डेरा डाले बैठे हैं।उनके साथ कांग्रेस के कुछ समर्थक नेता मौजूद हैं।
कहा ये जा रहा है कि कमलनाथ जल्द ही भाजपा में शामिल हो सकते है। इस बात को लेकर मप्र कांग्रेस में खलबली साफ नजर आ रही हैं। वहीं मीडिया में दिग्विजय सिंह ने भोपाल में कहा कि मेरी और कांग्रेस नेतृत्व की कमलनाथ जी से लगातार बातें हो रही है।उनके जैसा समर्पित व्यक्ति जिसने कांग्रेस की शुरुआत से ही साथ दिया और जिन्हे इंदिरा गांधी का तीसरा बेटा कहा जाता है। कांग्रेस में रहकर विभिन्न पदों पर रहकर जबाबदारी निभाई है। मप्र में मुख्यमंत्री भी रहे है। मुझे नहीं लगता कि वे पार्टी छोड़ेंगे।
खैर जो भी हो लोगो ने भी कहना शुरु कर दिया है। कांग्रेस मे अब वजन नही रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने अब कांग्रेस कार्यकर्ताओं को एक कर रखा था।2023 में मप्र विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को हार मिली तो कांग्रेस विधायक एवं पराजित उम्मीदवारों ने कमलनाथ के विरुद्ध सुर मिलाना शुरु कर दिया था| ऐसा नजारा विधानसभा चुनाव समीक्षा बैठक में देखने को मिला था। , तभी उन्होने मप्र कांग्रेस कमेटी से अध्यक्ष पद छोड़ा।लोगो ऐसा लगने लगा है, कि कमलनाथ का कांग्रेस से मोह भंग हो रहा है। वहीं अपने बेटे नकूलनाथ के लिए भी कोई स्थायी व्यवस्था बनाना चाह रहें है।
समर्थकों की निगाहें कमलनाथ के फैसले पर टिकी है
सियासती गलियारे में हलचल तो है मप्र में भी कमलनाथ समर्थक कई नेता अभी दिल्ली में ही हैं, जो कमलनाथ के फैसलें पर निगाहे टिकाए हुए हैं। जहां उनकी चाह होगी वही समर्थकों की राह होगी। इधर मप्र में भी कई कांग्रेस विधायक भी सोच में पड़े हैं, कि कांग्रेस उम्मीदवार होने पर जीत मिली हैं | अगर हम भी कमलनाथ के साथ भाजपा में जायेगें तो हमारा भविष्य क्या होगा. इसी सोच में लोग अभी उलझे है | दिल्ली से कमलनाथ क्या फैसला सुनाते है। यह बात जरुर है कि लोग कहते है कि मामा शिवराज अगर अभी सीएम होते तो कमलनाथ जी को साथ ले ही आते है।