सुनील पटल्या गुर्जर बेड़िया। कपास की फसलों पर गुलाबी इल्ली के अटैक की रोकथाम को लेकर नैटको फार्मा लिमिटेड द्वारा समीप ग्राम मर्दाना में किसानो की संगोष्ठी रखी गई। कंपनी के माध्यम से गुलाबी इल्ली प्रबंधन के लिए इस नवीन तकनीक को प्रदर्शित करने के उद्देश्य से 100 एकड़ कपास के खेत को गोद लेकर तकनीक को सफलतापूर्वक प्रदर्शन गया है। कंपनी के महाप्रबंधक गांधीराम मोहन, प्रबंधक प्रमोट टाक व जयप्रकाश चौधरी ने बताया कि पिंक बॉलवर्म कपास के सबसे विनाशकारी कीटों में से एक है। पीबीडब्ल्यू अधिकांश कीटनाशकों के लिए प्रतिरोधी है और बीटी कपास के लिए प्रतिरोधी बन गया है। इसलिए, इस कीट के लिए वर्तमान में कोई प्रभावी नियंत्रण उपलब्ध नहीं है। इस कीट ने पिछले कुछ वर्षों में पूरे भारत में कपास के किसानों के लिए एक बड़ी चुनौती पेश की है, जिसमें पीबीडब्ल्यू संक्रमण के कारण उपज में 60-70 प्रतिशत तक की हानि हुई है। नवीन तकनीकों और कृषक समुदाय के लिए किफायती सुरक्षित और टिकाऊ फसल सुरक्षा समाधान प्रदान करने पर ध्यान केंद्रित करने के साथ नैटको ने कपास में पीबीडब्ल्यू के नियंत्रण के लिए फेरोमोन आधारित नैटमेट पीबीडब्ल्यू विकसित किया है। पिछले दो वर्षों में, हमने देश भर में 15000 एकड़ से अधिक कपास पर सफलतापूर्वक प्रदर्शन किया है और 2021 में उत्पाद को व्यावसायिक रूप से लॉन्च किया है।
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