किसानों की आवाज: किसानों की ज्वलंत समस्याओं को लेकर भारतीय किसान संघ ने मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
हरदा। भारतीय किसान संघ ने किसानों की विभिन्न ज्वलंत समस्याओं, कृषि, सिंचाई, विद्युत एवं ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़े मुद्दों के निराकरण की मांग को लेकर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम हरदा एसडीएम कार्यालय पहुंचकर एसडीएम अशोक डेहरिया को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में किसान हितों से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों को उठाते हुए शासन से शीघ्र एवं समयबद्ध कार्रवाई की मांग की गई।
फसल बीमा और समर्थन मूल्य से जुड़े मुद्दे उठाए
भारतीय किसान संघ ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में दावा राशि भुगतान की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने की मांग की। संघ ने जिलों की शॉर्टफॉल रिपोर्ट में वास्तविक उपज, थ्रेशहोल्ड उपज एवं उपज में कमी का विवरण अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराने तथा रिमोट सेंसिंग एवं सेटेलाइट आधारित प्रक्रिया के स्थान पर पुनः फसल कटाई प्रयोग शुरू करने की मांग रखी। साथ ही केला एवं मिर्च की फसलों को भी प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में शामिल करने की मांग की गई।
ज्ञापन में सभी कृषि उपज मंडियों में समर्थन मूल्य पर खरीदी सुनिश्चित करने के लिए आधुनिक मानक परीक्षण, डोकेज टेस्टिंग एवं ग्रेडिंग मशीनें लगाने, ट्रैक्टर-ट्रॉली की तौल बड़े इलेक्ट्रॉनिक कांटों से कराने तथा मंडियों में लगे सीसीटीवी कैमरों को 24 घंटे चालू रखने की मांग की गई। कैमरे बंद पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की बात भी कही गई।
संघ ने सोयाबीन की समर्थन मूल्य पर खरीदी के लिए पंजीयन शीघ्र शुरू करने तथा धान, मक्का, ज्वार, बाजरा सहित प्रमुख खरीफ फसलों की सरकारी खरीदी सुनिश्चित करने की मांग की।
खाद, फसल नुकसान और कृषि यंत्रों पर अनुदान की मांग
रासायनिक उर्वरकों की उपलब्धता को लेकर संघ ने पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराने, एनपीके खाद पर डीएपी की तरह अनुदान देने तथा वितरण व्यवस्था को सरल बनाने की मांग की, ताकि किसानों को समय पर उर्वरक मिल सके।
इसके अलावा अतिवृष्टि, आंधी-तूफान, वायरस एवं अन्य बीमारियों से खरीफ फसलों को हुए नुकसान का सर्वे कराकर मुआवजा एवं फसल बीमा का लाभ दिलाने की मांग की गई। कृषि यंत्रों पर अनुदान एवं कोटा बढ़ाने, जंगली पशुओं से फसल नुकसान की भरपाई शासन द्वारा करने तथा तार फेंसिंग के लिए किसानों को अनुदान देने की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही।
FPO को लाइसेंस और ऋण सुविधा देने की मांग
भारतीय किसान संघ ने अपने द्वारा बनाए गए एफपीओ (FPO) को खाद-बीज एवं मंडी व्यापार के लाइसेंस उपलब्ध कराने तथा नाबार्ड के माध्यम से सरलता से ऋण सुविधा देने की मांग की। मालवा फेडरेशन को शासकीय सहायता उपलब्ध कराने एवं प्रदेश में नवीन एफपीओ निर्माण एजेंसी के रूप में जिम्मेदारी देने की मांग भी रखी गई।
संघ ने अमानक कृषि आदानों की बिक्री पर रोक लगाने, गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर दोषियों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई करने तथा जांच के बाद ही कृषि आदानों की बिक्री की अनुमति देने की मांग की।
कृषि न्यायालय, बंद मंडियों और सिंचाई परियोजनाओं का मुद्दा
ज्ञापन में देशी गाय के दूध पर 10 रुपये प्रति लीटर प्रोत्साहन राशि देने, प्रदेश में कृषि न्यायालय की स्थापना करने, बंद पड़ी कृषि उपज मंडियों को पुनः शुरू करने तथा निजी भूमि पर लगे सागवान की कटाई की पात्रता किसानों को देने की मांग की गई।
सिंचाई के क्षेत्र में बंद पड़ी परियोजनाओं को जल्द पूरा करने तथा नहरों की मरम्मत एवं साफ-सफाई समय से पहले कराने की मांग की गई। संघ का कहना है कि सिंचाई सुविधाओं के विस्तार से किसानों को फसल उत्पादन में बेहतर लाभ मिलेगा।
बिजली समस्याओं के समाधान पर भी जोर
विद्युत संबंधी समस्याओं को लेकर संभाग स्तर पर किसान प्रतिनिधियों को शामिल करते हुए समिति गठित करने की मांग की गई। अधिक भार वाले ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने तथा डीसी स्तर पर ट्रांसफार्मर बैंक बनाने की मांग रखी गई, ताकि जरूरत पड़ने पर किसानों को तत्काल ट्रांसफार्मर उपलब्ध हो सकें।
कृषि पंपों की गलत बिलिंग, क्षमता की गलत गणना एवं अन्य विद्युत विवादों के निराकरण के लिए पूर्व में गठित समितियों को पुनः शुरू करने की मांग भी की गई। संघ ने कृषि क्षेत्र में नए स्थायी बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराने तथा सब्जी एवं अन्य फसल उत्पादक किसानों को मीटर लगाकर 24 घंटे बिजली कनेक्शन देने की मांग की।
आगामी रबी सीजन में निर्धारित मापदंडों के अनुसार पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराने तथा जले हुए ट्रांसफार्मरों को बदलने के लिए एंबुलेंस सेवा शुरू कर 24 घंटे के भीतर खराब ट्रांसफार्मर बदलने की मांग भी ज्ञापन में प्रमुखता से उठाई गई।
ये रहे उपस्थित
इस अवसर पर तहसील अध्यक्ष अरुण पटवारे, जिला उपाध्यक्ष राजेंद्र बांके, संभागीय सदस्य रामकृष्ण मुकाती, आनंद राम किरार, ब्रजमोहन राठौड़, राज नारायण गौर, बालकृष्ण मालगाया, शिवदान सिंह राजपूत, संजय खोदरे, बालक दास छापरे, मुकेश बांके, सुनील बांके, मुकेश दीनबंधु गौर, दुगाया, सोनू गोलियां, आनंद माली, शिवदान नारायण मालवीय सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।

