मकड़ाई समाचार जबलपुर। पश्चिम मध्य रेलवे के मुख्य हॉस्पिटल में कोरोना के मरीजों के इलाज के लिए नर्सिंग स्टाफ को ठेके के तहत तैनात किया गया है। रेलवे नियम के मुताबिक इस स्टाफ को हर माह लगभग 24 हजार का वेतन भुगतान करना है लेकिन वर्तमान में ऐसा नहीं हो रहा हैं। उन्हें सिर्फ 8 से ₹9 हजार रुपये माह ही भुगतान किया जा रहा है, जिससे उनमें आक्रोश है।
जानकारी के मुताबिक कोरोना काल के चलते पमरे ने रेल चिकित्सालय में भर्ती मरीजों के अलावा शहर से भर्ती होने वाले मरीजों के लिए नर्सिंग स्टाफ का ठेका दिया है। इसके तहत कार्य कर रहे स्टाफ को 824 रुपए प्रतिदान के हिसाब से वेतन भुगतान देने का आदेश दिया गया है। इस हिसाब से प्रति स्टाफ 24 हजार 720 रुपए 30 दिन का वेतन दिया जाना है, लेकिन ठेकेदार चिकित्सालय प्रशासन की साठगांठ के चलते 30 से 35 फीसदी ही वेतन दे रहा है।
ठेका में काम करने वाले नर्सिंग स्टाफ ने बताया है कि ठेकेदार कोई छुट्टी नहीं देता,छुट्टी लेने पर वेतन काटता है। उनका पीएफ भी नहीं काटा जा रहा और ईएसआई सुविधा से भी वंचित किया गया है। यहाँ तक कि उनके एटीएम,पास बुक तक जब्त कर लिया गया है। हर माह रेलवे से जितना वेतन हमारे खाते में जमा होता है ठेकेदार निकाल कर उसमें से मात्र 8 हजार रुपए दे रहा है।

