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हरदा में स्वामित्व योजना की रजिस्ट्री ठप तहसीलदार-नायब तहसीलदारों ने भी जताई असहमति

मकडा़ई एक्सप्रेस 24 हरदा । जिले में सालों से काबिज ग्रामीणों को उनकी जमीन का मालिकाना हक देने के लिए चल रहे स्वामित्व अधिकार अभियान की रजिस्ट्रियां एक बार फिर अटक गई हैं। मध्य प्रदेश राजस्व अधिकारी संघ और आरआरआई संघ के राज्य इकाई के निर्देश पर अब जिले के तहसीलदार और नायब तहसीलदारों ने भी रजिस्ट्री करने से मना कर दिया है।

17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक अभियान, अब तक शून्य रजिस्ट्री

जिला स्तर पर पटवारियों द्वारा असहमति जताने के बाद विवाद गहरा गया है। प्रशासन द्वारा पटवारी संघ को बचाने के लिए 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलने वाले स्वामित्व अधिकार अभियान में अब तक एक भी रजिस्ट्री नहीं हो पाई है। जानकारी के अनुसार जिले के करीब 401 गांवों में ड्रोन सर्वे किया गया था, जिसमें 46944 ग्रामीणों को स्वामित्व अधिकार योजना में पात्र पाया गया और उन्हें प्रमाण पत्र भी दिए गए। अब करीब पांच साल बाद उनकी रजिस्ट्री करने की बारी आई तो पूरा अमला पीछे हट गया।

अधिकारियों की गरिमा का सवाल और अतिरिक्त कार्यभार

स्वामित्व अधिकार अभियान में नवीन पांच साल पहले ड्रोन सर्वे कराया गया था। अब इसमें विवादों की स्थिति बन रही है। रजिस्ट्री कराने के बाद मामला न्यायालय में जाएगा। इसी न्यायालयीन कार्रवाई से बचने के लिए पटवारियों का विरोध है।

तहसीलदार और नायब तहसीलदार द्वितीय श्रेणी राजपत्रित अधिकारियों की मानें तो उन्हें पूर्व में तृतीय श्रेणी और गैर-राजपत्रित पद (उप पंजीयक) का काम देना उनकी गरिमा के विपरीत है। इसके अलावा उनके पास पहले से ही अतिरिक्त काम है। तहसीलदार महेंद्र चौहान ने कहा कि अभी हमारे विवाद का काम नहीं आ रहा है। प्रदेश इकाई ने विरत रहने का निर्णय लिया है।

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पटवारियों ने भी किया काम से इनकार

शासन ने तहसीलदार-नायब तहसीलदारों को निष्पादक बनाने की योजना बनाई थी, लेकिन उन्होंने भी स्वामित्व अधिकार अभिलेख एवं पीएम योजना के तहत असहमति जता दी है और अपने को काम से दूर कर लिया है।

शिविरों से लौट रहे ग्रामीण

कलाबड़ निवासी किशन ने कहा कि शिविर में स्वामित्व का हक पाने की आस लेकर गए थे, लेकिन अभी कुछ नहीं हुआ। अधिकारियों ने उन्हें पूरी प्रक्रिया की जानकारी दी। अब आगे कब और क्या होगा, पता नहीं। उन्हें शिविर से खाली हाथ लौटना पड़ा। गांवों में शिविर तो लग रहे हैं, लेकिन इन शिविरों में स्वामित्व योजना के मालिकाना हक मामलों का निराकरण नहीं हो पा रहा है।

जो भी काम रोकेगा नियमानुसार कार्रवाई करेंगे

कलेक्टर सिद्धार्थ जैन ने कहा कि स्वामित्व अधिकार अभिलेख योजना में शासन के निर्देशानुसार कार्रवाई की जाएगी। यदि कोई भी काम रोकता है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।