अनिल उपाध्याय खातेगांव
9753414558
देवास और सीहोर जिले के जंगल से मिलकर बना प्रदेश का पहला खिवनी अभ्यारण जो कि 134 • 77 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है।
अभयारण्य खिवनी वन्यप्राणी प्रेमियों के लिए के अलावा जैवविविधता से परिपूर्ण खिवनी में विविध वन्यप्रणियो की उपस्थिति हमेशा से वन्यप्राणी प्रेमियों को लुभाती रही है!
150 से अधिक पक्षियों की प्रजाति, अनेक शाकाहारी एवं मांसाहारी वन्यप्राणी की उपस्थिति इसका प्रत्यक्ष प्रमाण है ! इसमें अब कोई दोराह नही है । वन्यप्राणी अभयारण्य खिवनी धीरे धीरे बाघ का भी स्थाई निवास बनता जा रहा है।
खिवनी अधीक्षक राजेश मंडावलिया ने हमारे संवाददाता अनिल उपाध्याय को बताया कि गर्मी के समय पानी की जगह जानवर दिखने संभावना अधिक रहती हैं। अच्छे प्रबंध का परिणाम है कि 5 बाघ अभी अभ्यारण क्षेत्र में भ्रमण कर रहे हैं! अभ्यारण में उपलब्ध शाकाहारी वन्य प्राणियों को अपना भोजन बना रहे! अभ्यारण के आसपास लगभग 40 ग्राम बसे हुए है किन्तु आज तक किसी वन्य प्राणी के कारण जनहानि नहीं हुई!
वनरक्षक कृष्ण कांत वर्मा ने बताया कि रविवार सुबह करीब 7:30 बजे की बात हे कैंपस के अंदर थे तभी बाघ की दहाड़ सुनाई दी हम और कुछ पर्यटक बाहर निकले और वॉच टावर पर चढ गए देखा कि तलाव से पानी पीकर एक बाघ धीरे-धीरे पर्यटक कैंपस की ओर आ रहा है। वह जैसे ही कैंपस के पास पहुंचा और गेट के सामने से तेजी से निकल गया, तभी मैंने अपने मोबाइल से उसका वीडियो बना लिया यह नजारा काफी रोमांचित करने वाला था। यह नजारा मेरे साथ देवास के पर्यटक नरेंद्र सिंह ठाकुर ने भी अपने मोबाइल में कैद कर लिया।
खिवनी अधीक्षक राजेश मंडावलिया ने बताया कि जब वह जगल भ्रमण पर थे। इसी दौरान उन्हें घास के मैदान में बाघ युवराज नजर आए उन्होंने उसे अपने कैमरे में कैद कर लिया । जंगल भ्रमण पर सफारी के दौरान पर्यटको को देखकर बाघिन राधा नाले में दुबक कर बैठ गई, पर्यटक को और आगे बढ़े तो उन्हें हिरण आपस में अठखेलियां करते नजर आए जिन्हें उन्होंने अपने कैमरे में कैद कर लिया खिबनी अधीक्षक राजेश मंडावलिया ने बताया खिबनी में अभी तक सात से आठ बार पर्यटको को बाघ के दीदार हो चुके हैं शनिवार व रविवार को बुकिंग फुल रहती है।

