मकड़ाई समाचार ग्वालियर। ग्वालियर की बदहाल ट्रैफिक व्यवस्था से एक गर्भवती महिला की जान पर बन आई, ऑटो से अस्पताल जा रही महिला का ऑटो ट्रैफिक जाम में फंस गया, प्रसव पीड़ा से परेशान महिला लोगों से मदद मांगती रही लेकिन जाम ने सबकुछ रोक दिया, एम्बुलेंस को फोन लगाया तो उसने आने से इंकार कर दिया, तभी एक बुजुर्ग दाई मां वहां आई और उसने ऑटो में मौजूद महिला की सास और अन्य परिजनों की मदद से ऑटो में ही प्रसव कराया और एक बेटे के जन्म के बाद वहां से चली गई।

जानकारी के अनुसार बहोड़ापुर आनंद नगर निवासी अनीता कुशवाह को उनकी सास मालती अन्य परिजन महिलाओं के साथ प्रसव के लिए लक्ष्मीगंज प्रसूतिगृह लेकर जा रही थी अभी वे बहोड़ापुर चौराहे से आगे बढ़ी ही थी कि उनका ऑटो ट्रैफिक जाम में फंस गया।
इसी दौरान अनीता को तेज प्रसव पीड़ा होने लगी। वे दर्द से तड़पने लगी, ऑटो में मौजूद महिलाओं ने लोगों से मदद मांगी कि उन्हें अस्पताल ले जाने दो लेकिन जाम के चलते कोई मदद के लिए नहीं आया, एम्बुलेंस को फोन लगाया तो उसने भी ट्रैफिक जाम के कारन आने से इंकार कर दिया।
अनीता की सास मालती और उनके साथ मौजूद अन्य महिलायें अनीता की हालत देखकर परेशान होने लगी तभी रास्ते से गुजर रही एक बुजुर्ग महिला की नजर उनपर पड़ी उसने हालात देखने के बाद कहा कि वो दाई मां है, परेशान नहीं हो. बुजुर्ग महिला ने ऑटो को उसके पर्दों से कवर किया और कुछ मिनट में ही ऑटो में ही अनीता को प्रसव करा दिया। अनीता ने एक बेटे को जन्म दिया। प्रसव कराकर फरिश्ता बनकर आई वो बुजुर्ग दाई मां वहां से चली गई। बेटे के जन्म के बाद सास मालती अनीता और उसके नवजात बेटे को लेकर लक्ष्मीगंज प्रसूति गृह पहुंचे जहाँ डॉक्टर ने उनकी जाँच करने के बाद उन्हें भर्ती कर लिया। अच्छी बात ये है कि जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं।
पढ़ने में तो ये एक कहानी की तरह लग रही होगी लेकिन ये कहानी नहीं एक हकीकत है। आपको बता दें कि बहोड़ापुर क्षेत्र में ट्रैफिक जाम की समस्या कोई नई बात नहीं है। यहाँ आये दिन सुबह से शाम तक कई बार एक से दो किलोमीटर तक ट्रैफिक जाम लगता है लेकिन ना तो ट्रैफिक पुलिस और ना ही स्थानीय प्रशासन को इसकी फ़िक्र रहती है। खास बात ये है कि बहोड़ापुर क्षेत्र ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर की विधानसभा का हिस्सा है वे भी कई बार निर्देश दे चुके हैं लेकिन उनके निर्देश भी अधिकारी हवा में उदा देते हैं।

