मकड़ाई समाचार राजगढ़ | उर्स में ड्यूटी करने के लिए बाइक राजगढ़ आ रहे एएसआइ मानसिंह क़ो एक तेज रफ्तार ट्रक ने रौंदा, घटना शुक्रवार रात की है, जिसमें एएसआइ की दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद सुबह पुलिस लाइन में एएसआइ की पार्थिव देह को अंतिम सलामी दी गई। साथ ही बलिदानी का दर्जा दिलवाने के लिए एसपी ने वरिष्ठ अधिकारीयों क़ो घटनाक्रम से अवगत कराया है।
जिला मुख्यालय पऱ 10 मार्च से बाबा बदखशानी दरगाह पऱ 109 वा सालाना उर्स की शुरुआत हुई है। सुठालिया थाने की नापानेरा पुलिस चौकी में पदस्थ मानसिंह की ड्यूटी उर्स में लगाई गई थी. वह ड्यूटी करने के लिए रात क़ो बाइक से सुठालिया से राजगढ़ आ रहे थे। तभी उन्हें राजगढ़ से कुछ दूरी पऱ स्थित चौकीढाडी के समीप ब्यावरा की ओर जा रहे ट्रक ने जोरदार टककर मार दी। ट्रक करीब 200 मीटर तक उन्हें घसीटते ले गया। इस दर्दनाक हादसे में एएसआइ की मौक़े पऱ ही मौत हो गई। घटना की जानकारी राहगीरों ने पुलिस क़ो दी। पुलिस ने मौक़े पऱ पहुंचकर शव बरामद किया व राजगढ़ लाए। सुबह पुलिस परेड ग्राउंड में उनके शव क़ो रखा व उन्हें डीआईजी-एसपी अवधेश कुमार गोस्वामी की मौजूदगी में अंतिम सलामी दी गई। इसके बाद शव परिजनों क़ो सौंप दिया। उनका अंतिम संस्कार गृह जिला भिंड में किया जायगा।
परिजन शव लेकर भिंड के लिए रवाना हो गए है। इस घटना के बाद डीआईजी-एसपी अवधेश कुमार गोस्वामी ने पूरे घटनाक्रम से आइजी भोपाल क़ो अवगत कराया है. साथ ही बलिदानी का दर्जा देने क़ो लेकर भी बात की है|जानकारी के मुताबिक मानसिंह ने पुलिस सेवा में रहते हुए स्पेशल ट्रेनिंग ले रखी थी। इसी के चलते सुरक्षा के लिहाज से उनकी उर्स में ड्यूटी लगाई थी। उनकी ड्यूटी मुख्य गेट पऱ चेकिंग अधिकारी के रूप में लगाई थी।जानकारी के मुताबिक मानसिंह ने पुलिस सेवा में रहते हुए स्पेशल ट्रेनिंग ले रखी थी। इसी के चलते सुरक्षा के लिहाज से उनकी उर्स में ड्यूटी लगाई थी। उनकी ड्यूटी मुख्य गेट पऱ चेकिंग अधिकारी के रूप में लगाई थी।
जानकारी के मुताबिक 1974 में उनका जन्म भिंड जिले में हुआ था। 1995 में वह राजगढ़ में ही आरक्षक के पद पऱ नियुक्त हुए थे। यहीं पऱ नौकरी करते हुए 5 मार्च 2020 क़ो एएसआई बने थे। वह तब से ही राजगढ़ जिले में निवासरत थे। मानसिंह के तीन पुत्र है। पत्नी क़ो 2019 में कैंसर के चलते निधन हो गया था। परिजनों के मुताबिक सबसे बड़ा बेटा 27 वर्षीय प्रभात निजी बैंक में कार्यरत है, दूसरा बेटा ज्ञानेंद्र यूपीएससी की तैयारी कर रहा है। सबसे छोटा बेटा दीपेंद्र बीए में अध्ययनरत है।

