दयाल बाग राधा स्वामी संस्था का राजा वरारी स्टेट पर 100 वर्षो से कब्जा, आक्रोशित आदिवासी समाज का आरोप अबैध है कब्जा , आक्रोशित लोगों ने, दो टप्पर में लगाई आग, गॉव में तनाव का माहौल
मकड़ाई समाचार हरदा। जंगल की जमीन और जंगलो से होने वाले उत्पाद पर सिर्फ आदिवासी समाज का कब्जा होता हैं। संविधान के वनाधिकार केे तहत आदिवासी समाज का वनो की संपदा पर पूरा अधिकार होता हैं। हरदा जिले की सीमा से लगे आदिवासी अंचल में राधास्वामी सत्संग दयाल बाग का लगभग 8 हजार एकड़ जमीन पर विगत 100 वर्षो से कब्जा बना हुआ हैै। स्थिति यह है कि आदिवासी अपनी ही जमीन पर मजदूर बनकर रह गए है।
आदिवासी समाज के युवाओ का कहना है कि अपनी कब्जाए जमीन को छुड़ाने के लिए पिछले 5 दिनों से यहां युवा आंदोलन कर रहे थे। आदिवासी समाज के युवाओ ने प्रशासन को चेतावनी भी दी थी कि आदिवासियों की जमीन पर यह दयाल बाग संस्था का अवैध कब्जा हटाया जाए। शनिवार को इसी आंदोलन ने महा आंदोलन का रूप ले लिया।
जिला प्रशासन ने दिखाई सतर्कता
जिला प्रशासन ने आदिवासी समाज का आक्रोश व मामला बढ़ता देख सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए आसपास के चार जिलो की पुलिस फोर्स एक दिन पहले ही बुला ली थी। आज सुबह से ही हरदा जिले के सभी थानों से पुलिस प्रशासन दल बल के साथ दिनभर ग्राम राता माटी में डेरा डाले हुए रहा। आदिवासी समाज ने एकजुट होकर जमकर नारे बाजी की टिमरनी रहटगॉव एसडीएम तहसीलदार , थाना प्रभारी दिन भर आंदोलन स्थल पर उपस्थित थे। युवाओ ने प्रशासन के सामने दयाल बाग संस्था के द्वारा लगाई गई तार फेसिंग व टप्परो को तोड़ कर फेंक दिया। दो टप्परों में आग लगा दी। इस आग की चपेट में एक मोटरसाइकिल वाहन भी जलकर खाक हो गया।
जंगल की जमीन और उत्पाद पर सिर्फ आदिवासी समाज का हक.
आदिवासियों की हजारो एकड़ जमीन पर दयालबाग राधास्वामी संस्था आगरा का कब्जा हैं। इनके द्वारा बताए उद्देष्य कि यह लोग आदिवासी समाज के उत्थान के लिए यहां पर काम कर रहे है। लेकिन इस मामले में आदिवासी समाज के लोगो का आरोप है कि आदिवासियों के विकास के नाम पर इन लोगो ने हजारो एकड़ जमीन अवैध कब्जा कर रखा है। आदिवासी समाज के युवाओ ने इस संस्था पर धर्मांतरण का भी आरोप लगाया।
आदिवासी समाज को संबोधित करते हुए आदिवासी समाज के तेज तर्रार युवा सामाजिक कार्यकर्ता रामदेव काकोड़िया ने कहा कि यह लोग मध्यप्रदेश सरकार के नियम व कानून को भी नही मानते है। इनका अपनी व्यवस्थाए अलग है। आदिवासी समाज का बर्षाे से शोषण यह गोरे अंग्रेजो कि तरह अब काले अंग्रेज बनकर कर रहे है। आजादी के बाद आज 21 वी सदी में राता माटी गॉव को हमने आजाद कराया और आज यहां तिरंगा लहराया है। रामदेव काकोड़िया ने क्षेत्रीय विधायक संजय शाह व सांसद डीडी उइके को भरी सभा मे लताड़ा। इस मौके पर युवाओ और महिलाओं में जमकर आक्रोश देखा गया।
सभा के बाद अपर कलेक्टर जेपी सैयाम को ज्ञापन सौपकर 11 गॉवो की अन्य लगभग 8 हजार एकड़ जमीन की जो भूमि इनके कब्जे में है उसकी जांच कर उसे मुक्त कराने की मांग रखी। वही रातामाटी गॉव के लोगों ने पुलिस से सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराने की मांग की।
इनका कहना है ..
विगत 103 वर्षो से आदिवासी समाज के उत्थान के लिए हम काम कर रहे है। सरकार एवं वन विभाग के दिशा निर्देशानुसार हम काम कर रहे है। सन 1919 से हमे यह जगह सरकार से मिली है हम यहां पर आदिवासी समाज के उत्थान के लिए काम करते आ रहे है। यहाँ पर अराजकता का माहौल बनाया जा रहा है .. शिवेंद्र भटनागर राधास्वामी सत्संग राजाबरारी स्टेट राता माटी
यह मामला अभी मा. हाईकोर्ट में विचाराधीन है। आदीवासी समाज के द्वारा जमीन मुक्त कराए जाने हेतु ज्ञापन दिया गया है। जैसा भी मा़ कोर्ट के अनुसार आदेश होगा उसी अनुसार कार्यवाही की जायेगी।
जेपी सैय्याम अपर कलेक्टर हरदा

