jhankar
ब्रेकिंग
Aaj Ka Rashifal: आज दिनांक 03 मई 2026 का राशिफल, जानिए आज क्या कहते है आपके भाग्य के सितारे रायसेन में आंधी-तूफान, बारिश ने मचाई तबाही: वेयर हाउस की छत उड़ी, खरीदी केंद्रों पर रखा अनाज भीगा उज्जैन : ट्रैक्टर किराए के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाला आरोपी गिरफ्तार इंदौर में बनेगा ‘बाणेश्वर लोक’! महाकाल लोक की तर्ज पर नया धार्मिक कॉरिडोर बड़वानी : एसपी कार्यालय का घेराव कर झूठी एफआईआर खारिज करने की मांग बुलडोजर एक्शन के बाद सियासी संग्राम, पटवारी का बड़ा हमला क्रूज हादसे में 2 और बच्चों के शव बरामद, मरने वालों की संख्या 11 पहुंची बड़वानी में बच्चों के लिए राशन मांगने पर बहू से मारपीट किसानों के लिए जरूरी खबर, अब बिना ई-टोकन नहीं मिलेगा खाद मुरैना में सनसनी: बदमाशों ने BJP नेता के घर पर चलाई गोलियां

बदहाल सड़क: इंदौर बैतूल नेशनल हाईवे बड़े-बड़े गड्ढों में तब्दील, खातेगांव के तीन बत्ती चौराहे का गड्ढा बना जानलेवा

अनिल उपाध्याय खातेगांव इंदौर -बैतूल नेशनल हाईवे 59 ए इन दिनों बड़े-बड़े गड्ढों में तब्दील हो गया है ।इस मार्ग से प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में भारी वाहन एवं दुपहिया वाहन गुजरते हैं ।

- Install Android App -

बड़े-बड़े वाहनों के पहिए भी इन गड्ढों में उतरने के कारण वाहनो के क्षतिग्रस्त होने के साथ ही वाहन पलटने की संभावना भी बनी रहती है। इतने महत्वपूर्ण सड़क मार्ग पर हुए गड्ढे को अभी तक ठीक नहीं किया गया, शायद किसी बड़ी दुर्घटना के बाद भी जिम्मेदार अधिकारी कुंभकरण की नींद से जागेगे,लेकिन मार्ग खराब होने से आए दिन दुर्घटना का भय बना रहता है ।मार्ग पर बड़े-बड़े गड्ढे जिसके चलते वाहन हिचकोले खाते हैं वहीं वाहनों में टूट-फूट होने के साथ ही वाहन चालकों को परेशानी झेलनी पड़ती है। इन मार्गो की हालत खस्ता है चालकों साथ ही यात्रियों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इंदौर बैतूल नेशनल हाईवे 59a दो प्रांतों को जोड़ने वाला शॉर्टकट रोड माना जाता है ।जिसके चलते इस मार्ग से सैकड़ों यात्री बसों सहित भारी वाहन और दुपहिया वाहन दौड़ते रहते हैं इतना ही नहीं नर्मदा तटों से रेत से भरे डंपर व ट्रैक्टर-ट्राली भी इसी मार्ग से होकर गुजरते हैं।
यह मार्ग सीधा नागपुर को जोड़ता है। इस कारण दूसरे प्रांत के वाहन भी इसी मार्ग से आना-जाना करते ,ऐसी स्थिति मार्ग पर बड़े-बड़े गड्ढे जानलेवा साबित हो सकते हैं। जिम्मेदार विभाग का इस ओर जरा भी ध्यान नहीं है