भोपाल। माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति ने कहा कि पत्रकारिता को अगर आवारा पूंजी से बचाना है तो पत्रकारों को सवाल करना होगा….पत्रकारिता सत्ता के लिए नहीं बल्कि मजलूमों की आवाज़ उठाने के लिए की जाती है। तिवारी ने यह बात ब्राइट जर्नलिस्ट वेलफेयर सोसायटी के पत्रकार सम्मान समारोह के दौरान यह बात कहीं।
दीपक तिवारी ने कहा आज की पत्रकारिता को प्रेसनोट के दायरे से मुक्त करना होगा। अगर यह काम पत्रकारिता में हो रहा है तो यह लोकतंत्र के लिए शुभ संकेत है। अगर नहीं हो रहा है तो पत्रकार अपने मौलिक कर्तव्य से विमुख होकर केवल सरकार की सूचनाओं से लोकतंत्र को धूमिल करने का काम कर रहे हैं। इस मौके पर वरिष्ठ पत्रकार दीपक तिवारी ने कोरोना संकट के दौरान विशेष रिपोर्टिंग करने वाले पत्रकार सीएम दुबे समर्थ सहारा , अजय वर्मा, विशाल त्रिपाठी दैनिक भास्कर, दीपक विश्वकर्मा नई दुनिया, शरद बाघेला , विजय बघेला पीपुल्स समाचार एवं बृजेन्द्र मिश्र प्रदेश टुडे, भुनेश्वर त्रिपाठी स्टार समाचार को विशेष सम्मान से सम्मानित किया। साथ बेस्ट वीडियो जर्नलिस्ट के तौर पर नज़र भाई , हरिओम विश्वकर्मा, भज्जी सहित अन्य लोगों को सम्मानित किया। बेस्ट फोटोग्राफर गौरव पीपुल्स समाचार , सुभाष ठाकुर पत्रिका अखबार,महेश विश्वकर्मा प्री प्रेस सहित अन्य सामाजिक क्षेत्र में विशेष योगदान करने वाले को सम्मानित किया।
ब्राइट जर्नलिस्ट एसोसियेशन के प्रदेश अध्यक्ष पंकज भदौरिया ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि पत्रकारिता के दौरान हमें भाषा के प्रति गम्भीर होना पड़ेगा क्योंकि भाषा बची रहेगी तभी लोकतंत्र का सौंदर्य जीवित रहेगा।
कार्यक्रम के मुख अतिथि माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति व वरिष्ठ पत्रकार दीपक तिवारी
आई.ए.एन.एस. के स्टेट चीफ संदीप पौराणिक। वरिष्ठ पत्रकार रवि खरे एवं एसपी क्राइम ब्रांच कुशवाह जी थे।

