एक्सप्लोसिव लायसेंस , बीमा का अभाव, फ़ूड विभाग नहीं करता जांच, बारूद ब्लास्ट विभीषिका के बाद भी आंख मूंद के बैठा प्रशासन !
हरदा । जी हां। बारूद ब्लास्ट की भीषण विभीषिका में 13 लोगों की मौत, सैकड़ों घायल, अनेकों लोगों के बेघर होने के बावजूद प्रशासन भविष्य में होने वाले खतरों से निबटने के बजाय आखें मूंदे बैठा है।
ज़िला हरदा में संचालित विभिन्न गैस एजेंसी के गोदाम रिहाइशी इलाके में आ गए हैं। ये स्थिति हरदा जिला मुख्यालय और तहसील क्षेत्र में निर्मित हो रही है। हरदा एचपी गैस का गोदाम भी आईटीआई के नजदीक है। ये जगह बैरागढ़ स्थित बारूद विस्फोटक स्थल से बहुत करीब है। विस्फोट के दौरान गैस गोदाम में आग लगने को लेकर भी खेड़ीपुरा का बड़ा हिस्सा अफवाह के चलते खाली हो गया था। इसी तरह भारत गैस के गोदाम , एचपी की अन्य एजेंसी भी रिहाइशी इलाके में है। ये स्थिति पूरे जिले में निर्मित है। देश भर में गैस सिलेंडर विस्फोट से जुड़ी खबरों पर नज़र करें तो जिला हरदा के करीब 50 हजार कनेक्शन को लेकर सेफ्टी नॉर्म्स की स्थिति को देखते हुए मामले की गंभीरता से समझा जा सकता है।
हरदा, टिमरनी, खिरकिया, हंडिया, सिराली, रहटगांव, कर्तानामे संचालित विभिन्न गैस एजेंसी की नियमित जांच को लेकर लापरवाही की चर्चा है। जांच में एक्सप्लोसिव लायसेंस, बीमा, फ़ूड विभाग द्वारा की जाने वाली जांच प्रमुख हैं। सूत्रों की मानें तो गैस कंपनी के सेल्स ऑफिसर भी एजेंसी पर जांच नहीं करते हैं। जानकारों का मानना है यदि किसी कम्पनी की एजेंसी के बीमा के अभाव में टँकी ब्लास्ट के होने वाले हादसे में सम्बंधित उपभोक्ता मुआवजे क्षतिपूर्ति से वंचित हो सकता है।
इसी तरह बीच शहर में किराए से चल रहे गोदाम से गैस टँकी की सप्लाई होने तथा गलियों में टंकी की भरी गाड़ी का होना भी बड़ा सिरदर्द है।
ये है स्थिति –
हरदा – एचपी की 2 एजेंसी गोदाम
हरदा – भारत गैस की 1 एजेंसी गोदाम
सिराली – भारत गैस एजेंसी, गोदाम
रहटगांव – इंडेन गैस एजेंसी , गोदाम
टिमरनी – एचपी गैस एजेंसी, गोदाम
खिरकिया – भारत गैस एजेंसी, गोदाम
हंडिया – एचपी गैस एजेंसी, गोदाम
करताना – भारत गैस एजेंसी, गोदाम
◆ स्रोत के मुताबिक जिला में 50 हज़ार के करीब गैस उपभोक्ता है।

