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धार में तेंदुए का आतंक: बस्ती में घुसकर 4 ग्रामीणों पर हमला, एक कर्मचारी भी घायल

धार। धार जिले के धामनोद वन परिक्षेत्र अंतर्गत ग्राम गुजरी डेहरिया में बुधवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक तेंदुआ जंगल से निकलकर सीधे रिहायशी बस्ती में घुस आया। दिनदहाड़े हुई इस घटना ने ग्रामीणों में दहशत फैला दी। तेंदुए ने अचानक हमला करते हुए चार ग्रामीणों को गंभीर रूप से घायल कर दिया, वहीं एक वन विभाग का कर्मचारी भी इसकी चपेट में आ गया। सभी घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है।

घटना के अनुसार, एक राहगीर ने सबसे पहले तेंदुए को सड़क पर देखा और इसकी सूचना ग्रामीणों को दी। देखते ही देखते तेंदुआ बस्ती में घुस आया और लोगों पर झपट्टा मार दिया। हमले में महेश वास्केल, ग्यारसी लाल सोलंकी, कांताबाई राठौड़ और विकास डावर निवासी बडवेल गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी को गुजरी के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है।

दिनदहाड़े तेंदुए की मूवमेंट से दहशत
इस घटना के बाद पूरे गांव में भय का माहौल है। तेंदुआ अब भी बस्ती के आसपास मौजूद बताया जा रहा है, जिससे ग्रामीण घरों में दुबके हुए हैं। बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए, जिससे स्थिति और भी खतरनाक हो गई। प्रशासन और पुलिस की टीम लगातार भीड़ को हटाने और इलाके को सुरक्षित करने में जुटी हुई है।

वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच चुकी है, लेकिन खबर लिखे जाने तक तेंदुए को काबू नहीं किया जा सका था। अधिकारियों का कहना है कि रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है और जल्द ही तेंदुए को पकड़ लिया जाएगा।

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जंगलों में संसाधनों की कमी बनी वजह?
ग्रामीणों का आरोप है कि जंगलों में पानी की कमी और लगातार हो रही पेड़ों की कटाई के कारण जंगली जानवर अब रिहायशी क्षेत्रों की ओर रुख कर रहे हैं। यह पहली बार नहीं है, जब इस इलाके में तेंदुए की मौजूदगी देखी गई हो। पहले भी कई बार ग्रामीणों ने इसकी सूचना दी थी, लेकिन स्थायी समाधान नहीं किया गया।

स्थानीय लोगों ने वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मांग की है कि इस समस्या का स्थायी हल निकाला जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हों।

प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे घरों में सुरक्षित रहें और बिना जरूरत बाहर न निकलें। बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने को कहा गया है। साथ ही, तेंदुए को देखने के लिए भीड़ न लगाने की भी सलाह दी गई है।

घटना में घायल सभी लोगों का इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार, कुछ की हालत गंभीर बनी हुई है, लेकिन सभी को आवश्यक चिकित्सा सुविधा दी जा रही है।

फिलहाल, पूरा गांव तेंदुए के पकड़े जाने का इंतजार कर रहा है और हर कोई दहशत के साये में जीने को मजबूर है।