30 जुलाई के आदेश में अनुभाग-2 में भेजने के निर्देश, फिर भी अनुभाग-3 में पदस्थ रहने का दावा
शिकायतों के बावजूद कार्रवाई पर उठे सवाल, विभागीय जांच की मांग
आदेश के पालन और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की तथ्य-जांच की मांग
भोपाल। शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री विभाग, भोपाल में अनुभाग-3 में पदस्थ सहायक ग्रेड-3 ब्रजेश कुमार शर्मा को लेकर प्रशासनिक स्तर पर सवाल उठने लगे हैं। आरोप है कि उच्चाधिकारी के लिखित आदेश के बावजूद उन्हें अनुभाग-3 में ही बनाए रखा गया है।
प्राप्त शासकीय दस्तावेज के अनुसार नियंत्रक, शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री, मध्यप्रदेश, भोपाल द्वारा 30 जुलाई 2026 को आदेश क्रमांक 1/1/4/0001/2020-ESTB/634 जारी किया गया था। आदेश में ब्रजेश कुमार शर्मा, सहायक ग्रेड-3 को अनुभाग-3 से अनुभाग-2 में स्थानांतरित करने के निर्देश दिए गए थे।
आदेश के पालन को लेकर सवाल
मामले में सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि यदि सक्षम अधिकारी ने लिखित रूप से अनुभाग बदलने का आदेश जारी किया था, तो उसके बावजूद संबंधित कर्मचारी को अनुभाग-3 में किस आधार पर बनाए रखा गया। आरोप है कि आदेश का प्रभावी रूप से पालन नहीं किया गया।
शिकायतों और कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल
बताया गया है कि संबंधित कर्मचारी के विरुद्ध शिकायतें प्राप्त होने और उसकी कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठने के बाद अनुभाग परिवर्तन का आदेश जारी किया गया था। ऐसे में शिकायतों की निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की प्रक्रिया को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। यह भी मांग उठ रही है कि जांच पूरी होने तक संबंधित कर्मचारी को संवेदनशील कार्य से दूर रखा गया था या नहीं, इसकी पड़ताल की जाए।
सरकारी प्रेस की कार्यप्रणाली पहले भी रही चर्चा में
सरकारी प्रेस की कार्यप्रणाली को लेकर जून-जुलाई 2026 के दौरान विभिन्न समाचार रिपोर्टों में गजट की फाइलों के लंबित रहने, गजट प्रकाशन और रद्दी बिक्री प्रक्रिया से जुड़े कथित मामलों पर सवाल उठाए गए थे। 22 जुलाई 2026 की एक समाचार रिपोर्ट में रद्दी के रिकॉर्ड और वजन से संबंधित कथित अनियमितताओं का भी उल्लेख किया गया था।
किसके निर्देश पर आदेश का अनुपालन नहीं हुआ?
अब सवाल यह है कि 30 जुलाई के आदेश के बावजूद शर्मा को अनुभाग-3 में बनाए रखने की अनुमति किस अधिकारी ने दी और इसके लिए क्या प्रशासनिक आधार था? यदि आदेश का पालन नहीं हुआ है तो इसकी जिम्मेदारी तय किए जाने की मांग भी उठ रही है।
मामले में शासकीय आदेश, उसकी अनुपालन स्थिति और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही है। हालांकि, सहायक ग्रेड-3 ब्रजेश कुमार शर्मा या संबंधित अधिकारियों का पक्ष इस खबर के लिए उपलब्ध नहीं हो सका है। लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि भी नहीं हुई है। संबंधित पक्ष का जवाब मिलने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

