jhankar
ब्रेकिंग
सहायक सचिव पर पूर्व में लग चुके आरोप: मनरेगा खाते से राशि निकालने और धमकी देने का आरोप, कलेक्टर से क... आदेश के बावजूद सहायक ग्रेड-3 को अनुभाग-3 में बनाए रखने पर सवाल, संरक्षण के आरोप विकास के दौर में कीचड़ से गुजरी तिरंगा यात्रा, हंडिया की सड़क ने दिखाई जमीनी हकीकत हरदा जिले की खास खबरों की झलक 18 अगस्त 2026 हर-हर महादेव के जयकारों से गूंजा खिरकिया, कावड़ यात्रियों पर जगह-जगह हुई पुष्पवर्षा पालकी में सवार होकर निकले भोलेनाथ, जयकारों से गूंजा सिराली अमृत-2 योजना में पार्षद प्रतिनिधि दीपक दीक्षित ने लगाया लापरवाही का आरोप   कच्ची सड़कों से त्रस्त गांव वाले, बोले - पक्की सड़क नहीं तो करेंगे चुनाव बहिष्कार ऑपरेशन के बाद भी पत्नी ने दिया बच्चे को जन्म, दिव्यांग पति ने कलेक्टर से मांगी आर्थिक सहायता कलेक्टर हरदा ने तत्कालीन तहसीलदार श्रीमती एक्का पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा की ! 13 माह बाद ...

आदेश के बावजूद सहायक ग्रेड-3 को अनुभाग-3 में बनाए रखने पर सवाल, संरक्षण के आरोप

30 जुलाई के आदेश में अनुभाग-2 में भेजने के निर्देश, फिर भी अनुभाग-3 में पदस्थ रहने का दावा

शिकायतों के बावजूद कार्रवाई पर उठे सवाल, विभागीय जांच की मांग

आदेश के पालन और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की तथ्य-जांच की मांग

भोपाल। शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री विभाग, भोपाल में अनुभाग-3 में पदस्थ सहायक ग्रेड-3 ब्रजेश कुमार शर्मा को लेकर प्रशासनिक स्तर पर सवाल उठने लगे हैं। आरोप है कि उच्चाधिकारी के लिखित आदेश के बावजूद उन्हें अनुभाग-3 में ही बनाए रखा गया है।

प्राप्त शासकीय दस्तावेज के अनुसार नियंत्रक, शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री, मध्यप्रदेश, भोपाल द्वारा 30 जुलाई 2026 को आदेश क्रमांक 1/1/4/0001/2020-ESTB/634 जारी किया गया था। आदेश में ब्रजेश कुमार शर्मा, सहायक ग्रेड-3 को अनुभाग-3 से अनुभाग-2 में स्थानांतरित करने के निर्देश दिए गए थे।

आदेश के पालन को लेकर सवाल

मामले में सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि यदि सक्षम अधिकारी ने लिखित रूप से अनुभाग बदलने का आदेश जारी किया था, तो उसके बावजूद संबंधित कर्मचारी को अनुभाग-3 में किस आधार पर बनाए रखा गया। आरोप है कि आदेश का प्रभावी रूप से पालन नहीं किया गया।

- Install Android App -

शिकायतों और कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल

बताया गया है कि संबंधित कर्मचारी के विरुद्ध शिकायतें प्राप्त होने और उसकी कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठने के बाद अनुभाग परिवर्तन का आदेश जारी किया गया था। ऐसे में शिकायतों की निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की प्रक्रिया को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। यह भी मांग उठ रही है कि जांच पूरी होने तक संबंधित कर्मचारी को संवेदनशील कार्य से दूर रखा गया था या नहीं, इसकी पड़ताल की जाए।

सरकारी प्रेस की कार्यप्रणाली पहले भी रही चर्चा में

सरकारी प्रेस की कार्यप्रणाली को लेकर जून-जुलाई 2026 के दौरान विभिन्न समाचार रिपोर्टों में गजट की फाइलों के लंबित रहने, गजट प्रकाशन और रद्दी बिक्री प्रक्रिया से जुड़े कथित मामलों पर सवाल उठाए गए थे। 22 जुलाई 2026 की एक समाचार रिपोर्ट में रद्दी के रिकॉर्ड और वजन से संबंधित कथित अनियमितताओं का भी उल्लेख किया गया था।

किसके निर्देश पर आदेश का अनुपालन नहीं हुआ?

अब सवाल यह है कि 30 जुलाई के आदेश के बावजूद शर्मा को अनुभाग-3 में बनाए रखने की अनुमति किस अधिकारी ने दी और इसके लिए क्या प्रशासनिक आधार था? यदि आदेश का पालन नहीं हुआ है तो इसकी जिम्मेदारी तय किए जाने की मांग भी उठ रही है।

मामले में शासकीय आदेश, उसकी अनुपालन स्थिति और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही है। हालांकि, सहायक ग्रेड-3 ब्रजेश कुमार शर्मा या संबंधित अधिकारियों का पक्ष इस खबर के लिए उपलब्ध नहीं हो सका है। लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि भी नहीं हुई है। संबंधित पक्ष का जवाब मिलने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।